मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल समग्र शिक्षा मिशन ने राज्यभर के सभी सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे आगामी 7 अक्टूबर को दिव्यांग छात्रों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए एक खास ''सेंसिटाइजेशन मॉड्यूल'' का प्रदर्शन करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की स्कूली शिक्षा प्रणाली में आसानी से शामिल करना और उनके प्रति अधिक सकारात्मक व संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना है। इस संबंध में सभी जिलों के संबंधित शिक्षा अधिकारियों को आधिकारिक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस जागरूकता कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक, शिक्षकों के साथ-साथ क्लर्क, हॉस्टल वार्डन, डीन, बस ड्राइवर और रिसेप्शनिस्ट जैसे सभी नॉन-टीचिंग स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। समग्र शिक्षा मिशन ने स्पष्ट किया है कि यह मॉड्यूल इस प्रकार दिखाया जाना चाहिए जिससे स्कूलों की सामान्य पढ़ाई-लिखाई और प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा उत्पन्न न हो, और स्कूल अपनी सुविधा के अनुसार इसके आयोजन का प्रबंध कर सकें।