निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बैरकपुर: पानीहाटी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष और तृणमूल नेता सोमनाथ दे की कानूनी मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं। अभया (आरजी कर) मामले में पीड़िता के शव को जल्दबाजी में दाह संस्कार करने से जुड़े केस में तीन दिनों की पुलिस हिरासत खत्म होने पर सोमवार को उन्हें बैरकपुर अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए 18 सितंबर तक जेल हिरासत का निर्देश दिया।
सरकारी वकील यदुनाथ दत्त ने अदालत को सूचित किया कि पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ के बाद सोमनाथ दे के कब्जे से एक देसी आग्नेयास्त्र और कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके अलावा, एक डेवलपर को पिस्तौल दिखाकर धमकाने और 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के एक अन्य मामले में अदालत ने उन्हें 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने डेवलपर से 3 लाख रुपये ऐंठने के बाद बाकी पैसों के लिए हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी थी।
इसी दिन एक अन्य डेवलपर से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगकर 18 लाख रुपये वसूलने के मामले में पानीहाटी के पूर्व विधायक निर्मल घोष और उनके बेटे तीर्थंकर घोष की जमानत याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी। अदालत ने दोनों की जेल हिरासत बरकरार रखते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तारीख तय की है।