अयोध्या: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में चढ़ावे के प्रबंधन, कर्मचारियों की भूमिका और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई गड़बड़ियों का जिक्र किया गया है।
SIT ने अपनी जांच में चढ़ावा आने के अलग-अलग माध्यमों का भी उल्लेख किया है। इसमें हुंडी, ऑनलाइन दान और कैश काउंटर पर रसीद के जरिए मिलने वाले चढ़ावे को शामिल किया गया है।
जांच के दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के बैंक खातों और पूछताछ से SIT को जानकारी मिली कि मंदिर में औसतन हर महीने करीब 25 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
वहीं, महाकुंभ के दौरान एक महीने में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर करीब 1 करोड़ तक पहुंच गई थी।
रिपोर्ट के अनुसार, औसतन प्रति श्रद्धालु करीब 15 से 18 रुपये का चढ़ावा आने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि, इसमें अनाज, तेल, घी और सोने-चांदी के आभूषणों के दान को शामिल नहीं किया गया है, क्योंकि इनके संबंध में पर्याप्त दस्तावेज और प्रमाण नहीं मिले।
SIT की रिपोर्ट में बैंक स्टेटमेंट और श्रद्धालुओं की संख्या के आधार पर चढ़ावे में बड़े उतार-चढ़ाव का भी उल्लेख किया गया है।
जांच में सामने आया कि कुछ महीनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बावजूद चढ़ावे की राशि कम दर्ज हुई। पूछताछ में इसका कारण बताया गया कि उस दौरान नकदी में नोटों की जगह सिक्कों की संख्या अधिक थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मंदिर में कुछ कर्मचारी ऐसे काम कर रहे थे, जिनके लिए कोई लिखित आदेश उपलब्ध नहीं था।
SIT ने चढ़ावा गिनती प्रक्रिया और चढ़ावा निगरानी समिति की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच का जिक्र किया गया है।
इसके अलावा कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में भी कुछ अनियमितताएं मिलने की बात कही गई है।
SIT की जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारियों की संपत्ति और आय पिछले पांच वर्षों में तेजी से बढ़ी है।
जांच टीम ने इस मामले में 60 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। इसके अलावा CCTV फुटेज की भी जांच की गई, जिसमें कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं।
SIT रिपोर्ट में कहा गया है कि मंदिर में कितना चढ़ावा आया और वह किस स्रोत से आया, इसका पूरी तरह प्रमाणित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। ऐसे में चढ़ावा चोरी हुई या कितनी राशि की चोरी हुई, इसे ठोस सबूतों के आधार पर तय करना फिलहाल संभव नहीं है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि हर श्रद्धालु के व्यक्तिगत चढ़ावे का पूरा हिसाब उपलब्ध नहीं है।
SIT ने एक सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट और करीब 15 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की बात कही है। साथ ही मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई सुझाव भी दिए गए हैं।