अल फलाह यूनिवर्सिटी (फाइल फोटो) 
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अल फलाह यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की जांच के लिए SIT गठित

SIT ने एक कैब चालक, एक धर्मगुरु और एक उर्दू शिक्षक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया

फरीदाबाद : दिल्ली में लाल किले के पास हाल ही में हुए कार विस्फोट और इसके अलावा ‘सफेदपोश’ आतंकवादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किए जाने के संबंध में कई एजेंसियां जांच कर रही हैं वहीं फरीदाबाद पुलिस ने अल फलाह विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जांच के लिए अलग विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। अल फलाह विश्वविद्यालय के कई चिकित्सकों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस बीच सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसियों ने पूछताछ के लिए एक कैब चालक, एक धर्मगुरु और एक उर्दू शिक्षक को हिरासत में लिया है। SIT में दो सहायक पुलिस आयुक्त, एक निरीक्षक और दो उप निरीक्षक हैं। यह विश्वविद्यालय की गतिविधियों पर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार कर रही है। फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि अल फलाह विश्वविद्यालय फरीदाबाद की गतिविधियों की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने एसआईटी को निर्देश दिया कि वह विश्वविद्यालय में आतंकवाद का गढ़ बनने के बारे में जांच करे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ऐसे समय में गठित की गई है जब पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने मंगलवार को अल फलाह विश्वविद्यालय का दौरा करने के बाद कहा था कि पुलिस आयुक्त और उपायुक्त को खुद उस जगह का दौरा करना चाहिए।

आतंकी नेटवर्क तैयार करता था मुजम्मिल

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में चल रहे आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी नई जानकारियां सामने आई हैं। इस मॉड्यूल से जुड़े सभी प्रमुख डॉक्टरों की जिम्मेदारी तय कर दी गई थी। आतंक का नेटवर्क खड़ा करने में डॉ. मुजम्मिल शकील की अहम भूमिका रही है, जो लोगों को शॉर्टलिस्ट करने के बाद रिक्रूट करता था। नए लोगों को शामिल करने के बाद डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी उनकी आर्थिक मदद करते और ब्रेनवॉश करते थे। मुजम्मिल यह काम मरीजों और अस्पताल कर्मचारियों के घर मदद के बहाने जाकर करता था। अस्पताल के जिन कर्मचारियों के नाम इस नेटवर्क में शामिल हैं, उनके परिवार वालों ने खुलासा किया है कि मुजम्मिल इलाज या किसी अन्य बहाने उनके घर आया था। जांच एजेंसियों ने धौज गांव के शोएब को हिरासत में ले रखा है।

फलाह यूनिवर्सिटी का आतंक से पुराना नाता

फलाह यूनिवर्सिटी का आतंक से पुराना नाता रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक 2007 में गोरखपुर में और 2008 में देश में हुए धमाकों में इसी यूनिवर्सिटी से संबंध रखने वाला मिर्जा शादाब बेग संलिप्त था। शादाब ने फरीदाबाद की इसी यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। इंडियन मुजाहिदीन क सदस्य बेग ने 2007 में यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रानिक्स में बीटेक किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह 18 वर्षों तक लापता रहा। बाद में साल 2019 में इसके अफगानिस्तान में होने की जानकारी मिली।

अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन की पारिवारिक संपत्ति पर अवैध निर्माण, वारिसों को नोटिस

महू : मध्यप्रदेश के महू छावनी परिषद ने अल फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के परिवार की एक रहवासी संपत्ति पर रहने वालों और कानूनी वारिसों को बिना इजाज़त निर्माण पर नोटिस जारी किया है। छावनी बोर्ड के अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि तीन दिनों के अंदर भवन को गिरा दिया जाए। कैंटोनमेंट इंजीनियर एचएस कलोया ने कहा, ‘हमने मरहूम मौलाना हम्माद के घर को नोटिस जारी किया है, जो जवाद अहमद सिद्दीकी के पिता हैं। विभाग ने पहले भी 1996 और 1997 में कैंटोनमेंट्स एक्ट, 1924 के संबंधित धाराओं के तहत कई बार बिना इजाजत किए गए निर्माण को हटाने का निर्देश दिया था। हालांकि, बार-बार नोटिस देने के बावजूद, जिस निर्माण की बात हो रही है, उसे नहीं हटाया गया। नए नोटिस में संपत्ति पर अभी रहने वाले या कानूनी वारिसों को तीन दिन के अंदर बिना इजाजत बने भवन को हटाने का निर्देश दिया गया है।

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