गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के काफिले को रास्ता देने के लिए सिलचर में रोकी गई 108 एम्बुलेंस में ले जाए जा रहे एक मरीज की गुरुवार, 1 अक्टूबर की सुबह सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मौत हो गई। इस घटना के सामने आने के बाद राज्य में लोगों के बीच आक्रोश फैल गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना पर माफी मांगी है, जबकि कछार जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले में चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मृतक की पहचान श्रीभूमि जिले के बांगर निवासी रसुराज चक्रवर्ती के रूप में हुई है। वह लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थे। उनकी हालत गंभीर होने के बाद बुधवार को बेहतर उपचार के लिए श्रीभूमि से सिलचर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया जा रहा था।
रामनगर आईएसबीटी पॉइंट पर रोकी गई एम्बुलेंस
रिपोर्टों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान सिलचर के रामनगर आईएसबीटी पॉइंट पर यातायात नियंत्रित कर रही पुलिस ने मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस रोक दी थी। एम्बुलेंस को रोके जाने का वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ गई। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत थी। हालांकि, एम्बुलेंस को कितनी देर तक रोका गया और इस देरी का मरीज की स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ा, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। मरीज की मौत के कारणों को लेकर भी उपलब्ध विवरण में कोई आधिकारिक चिकित्सकीय निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने मांगी माफी, चार पुलिसकर्मी निलंबित
घटना के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी। वहीं, कछार जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इस घटना ने वीआईपी काफिलों की आवाजाही के दौरान आपातकालीन सेवाओं और मरीजों को प्राथमिकता देने के सवाल को फिर चर्चा में ला दिया है। एम्बुलेंस को रोकने की परिस्थितियों और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।