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शिवपुर के मुकुट पर सजेगा आईआईटी का ताज?

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने दी बड़ी खुशखबरी!

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक बेहद शानदार खबर आ रही है। शिवपुर के ऐतिहासिक संस्थान 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी' (IIEST) को अब आईआईटी (IIT) का दर्जा देने की तैयारी तेज हो गई है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने बताया कि इस पुरानी मांग को पूरा करने के लिए राज्य सरकार जल्द ही केंद्र को एक औपचारिक प्रस्ताव भेजने जा रही है।

छात्रों को क्या-क्या मिलेंगे फायदे?

संस्थान को आईआईटी (IIT) का दर्जा मिलने से यहाँ के छात्रों के लिए कई बड़े लाभ और नए रास्ते खुलेंगे:

  • वैश्विक स्तर की रिसर्च व शिक्षा: आईआईटी का टैग मिलते ही संस्थान की साख अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी, जिससे छात्रों को ग्लोबल रिसर्च प्रोजेक्ट्स से जुड़ने का मौका मिलेगा।

  • बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और फंड: केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड में भारी बढ़ोतरी होगी, जिससे अत्याधुनिक लैब्स, लाइब्रेरी और हॉस्टल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं तैयार होंगी।

  • शानदार प्लेसमेंट: देश-विदेश की बड़ी और दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के लिए आकर्षित होंगी, जिससे छात्रों को रिकॉर्ड तोड़ सैलरी पैकेज मिलेंगे।

170 साल पुराना गौरवशाली इतिहास

1856 में 'सिविल इंजीनियरिंग कॉलेज' के रूप में शुरू हुआ यह संस्थान बंगाल इंजीनियरिंग कॉलेज (BE College) के नाम से दुनिया भर में मशहूर है। साल 2014 में इसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (INI) का दर्जा देकर IIEST नाम दिया गया था। प्रस्ताव मंजूर होने पर यह आईआईटी खड़गपुर के बाद पश्चिम बंगाल का दूसरा आईआईटी बन जाएगा।

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