मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : CPIM की छात्र इकाई SFI की प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी यूनिट ने मंगलवार को कैंपस में जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य राज्य में सत्ताधारी ताकतों द्वारा एजुकेशन सिस्टम के कथित भगवाकरण और डेमोक्रेटिक गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिशों का विरोध करना था। SFI के लगभग 200 सदस्यों ने कैंपस के अंदर मार्च निकाला और हाथों में तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद से उनके आंदोलनों को लगातार दबाया जा रहा है और कैंपस की स्वतंत्र पहचान को खत्म करने की साजिश रची जा रही है।
डेमोक्रेटिक अधिकारों की रक्षा और छात्रों की मांग
SFI के प्रवक्ता और स्टेट कमेटी के सदस्य के मुताबिक शिक्षण संस्थान हमेशा से ही स्वतंत्र बहस और असहमति के केंद्र रहे हैं, लेकिन वर्तमान माहौल में छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से पिछले दिनों जादवपुर यूनिवर्सिटी में लेफ्ट और ABVP के बीच हुई झड़पों और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए बयानों के बाद उपजे तनाव की कड़ी का हिस्सा है। SFI ने मांग की है कि छात्र संगठनों को लोकतांत्रिक तरीके से काम करने की पूरी छूट दी जाए और जिन संस्थानों में चुनी हुई छात्र संघ मौजूद नहीं है, उन्हें तुरंत फिर से बहाल किया जाए ताकि छात्रों की आवाज को दबाया न जा सके।