महाराष्ट्र के पालघर जिले में 2018 में छह वर्षीय बच्ची के यौन उत्पीड़न के मामले में ठाणे की एक विशेष POCSO अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस अपराध को “जघन्य” करार दिया।
अदालत ने आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला 5 अगस्त 2018 का है, जब वाडा तालुका में आरोपी ने कथित तौर पर मिठाई देने के बहाने बच्ची को अपने घर बुलाया और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। घटना के समय बच्ची के माता-पिता काम पर बाहर थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना के दौरान बच्ची को गंभीर चोटें आईं और बाद में उसके माता-पिता ने उसे खून से लथपथ पाया। अदालत ने अपने फैसले में पीड़िता की “विश्वसनीय” गवाही और चिकित्सीय साक्ष्यों को महत्वपूर्ण आधार माना।
POCSO अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी का अपराध सिद्ध होता है और ऐसे मामलों में कठोर सजा समाज में एक सख्त संदेश देती है।