कोलकाता: West Bengal के दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट से All India Trinamool Congress (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनाव से अपना नाम वापस ले लिया है।
21 मई को इस सीट पर मतदान होना था, लेकिन नाम वापसी के इस फैसले ने चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है। जहांगीर खान के अचानक पीछे हटने से स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और पार्टी के भीतर भी गतिविधियां बढ़ गई हैं।
हालांकि, उन्होंने किस वजह से अपना नाम वापस लिया, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, अंदरूनी कारण या रणनीतिक बदलाव इसके पीछे हो सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि टीएमसी इस सीट पर किसे नया उम्मीदवार बनाएगी और क्या इस फैसले का असर मतदान पर पड़ेगा। विपक्षी दल भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और इसे अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश कर सकते हैं।
फलता विधानसभा सीट दक्षिण 24 परगना की अहम सीटों में से एक मानी जाती है, जहां हर चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। ऐसे में उम्मीदवार के नाम वापसी ने चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है।
दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। All India Trinamool Congress (टीएमसी) के उम्मीदवार जहांगीर खान ने भले ही चुनाव न लड़ने के संकेत दिए हों, लेकिन उनका नाम अब भी आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर बना रहेगा।
जानकारी के मुताबिक, नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, इसलिए जहांगीर खान अब अपना नाम औपचारिक रूप से वापस नहीं ले सकते। ऐसे में उनका नाम बैलेट में टीएमसी उम्मीदवार के रूप में शामिल रहेगा।
सूत्रों की मानें तो जहांगीर खान ने मतदान से पहले ही हार मान ली है, जिससे इस सीट पर मुकाबले को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, इस पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
खान ने कहा कि वह फलता के विकास और शांति के हित में चुनाव से पीछे हट रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari द्वारा क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की गई है, जिसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया।
हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह निर्णय पार्टी नेतृत्व, खासकर Abhishek Banerjee के निर्देश पर लिया गया है या नहीं। इस बीच, फलता में भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रोड शो किया, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखने को मिला।
गौरतलब है कि 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में फलता सीट के कुछ बूथों पर गड़बड़ी के आरोप लगे थे, जिसके बाद पुनर्मतदान का फैसला लिया गया। जाहांगिर खान हाल ही में गिरफ्तारी से बचने के लिए Calcutta High Court भी पहुंचे थे और वहां से उन्हें राहत मिली थी। अब उनके इस फैसले के बाद फलता उपचुनाव और भी दिलचस्प हो गया है, जहां सभी की नजरें 21 मई को होने वाले मतदान पर टिकी हैं।