सन्मार्ग संवाददाता
मैनागुड़ी : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा, केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर बुधवार को तीखा हमला बोलते हुए उनपर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया। जलपाईगुड़ी जिले के मैनागुड़ी क्षेत्र में एक रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, ‘हमें मध्यरात्रि को आजादी मिली थी और हमें इस पर गर्व है, लेकिन आज वे आजादी को भूल गए हैं। वे संविधान या लोकतंत्र का पालन नहीं कर रहे हैं। वे लोगों के मतदान के अधिकार छीन रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘‘आज वे मतदान के अधिकार छीन रहे हैं कल वे एनआरसी लाकर नागरिकता छीन लेंगे।’ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिये बिना ममता बनर्जी ने जनसभा में उपस्थित लोगों से आग्रह किया कि वे ‘यहां मौजूद सज्जन और दिल्ली में बैठे दोनों सज्जनों को विदा’ करें।
ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि उनका अगला कदम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के जरिये नागरिकता छीनने का प्रयास हो सकता है। मुख्यमंत्री ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और एलपीजी सिलेंडर बुकिंग पर कथित प्रतिबंधों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने पूछा लोग खाना कैसे पकाएंगे?’ भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने भाजपा पर खान-पान की आदतों और भाषा को थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ राज्यों में मछली या मांस खाने पर लोगों को पीटा जाता है। यहां तक कि बांग्ला बोलने पर भी लोगों को पीटा जाता है। हम हर धर्म, भाषा और समुदाय का सम्मान करते हैं।’ मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाने की कोशिश करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बंगाल की जनता उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने मुझसे सब कुछ छीन लिया है। अब मेरे पास सिर्फ एक ही चीज बची है - वह है बंगाल की जनता। उनका आशीर्वाद मेरे साथ है।’