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मिड-डे मील में एक्स्ट्रा अंडे देने में पिछड़ गये स्कूल, सिर्फ 4 जिले सफल

एडमिनिस्ट्रेशन की कमी से अन्य जिलों में देरी

1.1 करोड़ स्टूडेंट्स में से 67% को ही मिला लाभ

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : राज्य के प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में मिड-डे मील के तहत 12 एक्स्ट्रा अंडे और मौसमी फल देने का कार्यक्रम ज्यादातर जिलों में पूरा नहीं हो सका। केवल कोलकाता, ईस्ट बर्दवान, नदिया और साउथ 24 परगना के छात्रों को ही यह सुविधा मिली। बाकी जिलों में स्कूल अधिकारियों ने इसे एडमिनिस्ट्रेशन की कमी के कारण असंभव बताया। 17 फरवरी को शिक्षा विभाग के मिड-डे मील डिपार्टमेंट ने निर्देश दिया था कि स्टूडेंट्स को अतिरिक्त अंडे और फल मिलेंगे। हालांकि, जिलेवार नोटिफिकेशन न मिलने के कारण पैसा पंचायत या म्युनिसिपैलिटी के माध्यम से स्कूलों तक नहीं पहुंचा। शिक्षा मिशन के एक अधिकारी ने बताया कि नोटिफिकेशन के बिना गाइडलाइन लागू नहीं हो सकती।

गाइडलाइन नहीं मिलने से रुका वितरण

नॉर्थ 24 परगना के नारायणदास बांगुर स्कूल के हेडमास्टर संजय बरुआ ने कहा कि हम मार्च से एक्स्ट्रा अंडे देने के लिए तैयार थे, लेकिन गाइडलाइन नहीं मिली। छुट्टियों और सेंट्रल फोर्स की ड्यूटी के कारण समय कम है। दमदम के ऋषि अरबिंदो विद्या मंदिर के प्रिंसिपल असीम कुमार नंदा ने कहा कि म्युनिसिपैलिटी लिस्ट बनाती है, लेकिन एक्स्ट्रा अंडे के आदेश अभी तक नहीं आए। एजुकेशन डिपार्टमेंट के अनुसार,1.1 करोड़ स्टूडेंट्स में से अब तक केवल 74 लाख 75 हजार (67%) को ही एक्स्ट्रा अंडे और फल मिले हैं। मार्च में 17, 20, 21, 26 और 31 तारीख को छुट्टियां और सेंट्रल फोर्स की उपस्थिति भी वितरण को प्रभावित कर सकती है।

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