आम आदमी पार्टी में राघव चड्ढा को राज्यसभा डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के बाद अंदरूनी तकरार खुलकर सामने आने लगी है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा को नसीहत देते हुए कहा कि संसद में समोसे जैसे मुद्दों पर बात करने के बजाय बीजेपी की केंद्र सरकार से बड़े और गंभीर सवाल पूछने चाहिए।
राघव चड्ढा ने शुक्रवार को वीडियो जारी कर पूछा था कि क्या संसद में जनता के मुद्दे उठाना कोई गुनाह है। इसके जवाब में सौरभ भारद्वाज ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि हम सभी अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं और हमें बिना डरे सरकार से सवाल पूछने चाहिए।
भारद्वाज ने कहा, “राघव भाई, मैंने आपका वीडियो देखा। हमें सिखाया गया है कि जो डर गया वो मर गया। हमारा काम जनता के मुद्दे उठाना और सरकार की आंखों में आंख डालकर सवाल करना है। फिर आप पंजाब के मुद्दे उठाने से क्यों डर रहे हैं और राज्यसभा में समोसे की बात क्यों कर रहे हैं?”
उन्होंने कहा कि आज के समय में जो भी सरकार के खिलाफ गंभीर मुद्दे उठाता है, उसे दुश्मन की तरह देखा जाता है। सोशल मीडिया पर लोगों को बैन किया जाता है, FIR दर्ज होती है और केस किए जाते हैं, इसलिए संसद में मिलने वाले सीमित समय का सही इस्तेमाल करना जरूरी है।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि छोटी पार्टियों को संसद में बहुत कम समय मिलता है, इसलिए उस समय में देश के बड़े मुद्दे उठाने चाहिए, न कि छोटे और हल्के PR वाले विषयों पर चर्चा करनी चाहिए।
उन्होंने राघव चड्ढा पर विपक्ष के साथ न खड़े होने का भी आरोप लगाया। भारद्वाज ने कहा कि चुनाव से पहले कई जगह असली वोटरों के नाम हटाए जाते हैं और फर्जी वोट बनाए जाते हैं, जिससे सरकार सिस्टम पर कब्जा कर लेती है। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की कोशिश की, तब राघव चड्ढा ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।