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सरस्वती पूजा : फूलों के बाजार में आयी बहार, गुलाब और गेंदा की सबसे ज्यादा मांग

रजनीगंधा-गुलाब और गेंदा की मांग सर्वाधिक

26 जनवरी तक महंगे रहेंगे फूल

श्रद्धा और उत्साह के आगे फीकी पड़ी महंगाई

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पूरे महानगर में सरस्वती पूजा की धूम है। स्कूल, कालेज से लेकर मुहल्लों तक में सरस्वती पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। जाहिर है कि फूलों के बगैर कोई पूजा नहीं होती है। इसलिए फूलों के बाजार में कीमतें उफान पर हैं पर श्रद्धा और उत्साह के आगे महंगाई फीकी पड़ गई। इस वजह से फूलों के बाजार में महंगाई की बहार आ गई। पूजा के लिए गेंदा, रजनीगंधा, गुलाब और चमेली जैसे फूलों की मांग अचानक बढ़ गई है। बढ़ी हुई मांग के कारण फूलों के दामों में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

आम दिनों से महंगे हुए फूल

हावड़ा स्थित मल्लिक घाट फ्लावर मार्केट में फूल विक्रेता मोहन दास के मुताबिक आम दिनों में गेंदा फूल की जो माला 30 से 50 रुपये में मिल जाया करती थी, वही माला अब 60 से 80 रुपये, कहीं-कहीं 90 रुपये तक में बिक रही है। पीले रंग के गेंदा फूल की खास मांग देखी जा रही है, क्योंकि इसे मां सरस्वती को चढ़ाने के साथ-साथ 26 जनवरी के आयोजनों में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है।

रजनीगंधा, गुलाब और गेंदा की सबसे ज्यादा डिमांड

इस बार सरस्वती पूजा और 26 जनवरी की नजदीकी तारीखों के कारण रजनीगंधा, गुलाब और चमेली जैसे फूलों की मांग भी काफी बढ़ गई है। दुकानदारों का कहना है कि स्कूल, कॉलेज और पूजा पंडालों से लगातार ऑर्डर आ रहे हैं। शादी-ब्याह के सीजन के चलते भी फूलों की खपत बढ़ी है। अशोक साव ने कहा कि सरस्वती पूजा के बाद भी 26 जनवरी तक पीले गेंदा फूल की मांग बनी रहेगी। इसी वजह से फूलों के दाम फिलहाल कम होने की संभावना नहीं है।

ग्राहकों के जेब पर असर, लेकिन उत्साह बरकरार

महंगाई के बावजूद श्रद्धालुओं और पूजा आयोजकों का उत्साह कम नहीं दिखा। मां सरस्वती की पूजा को भव्य और खास बनाने के लिए लोग बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद फूलों की खरीददारी कर रहे हैं। आस्था और श्रद्धा के आगे महंगाई का असर कम नजर आ रहा है।

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