निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बशीरहाट : पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद से ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। राज्य के अलग-अलग जिलों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं की गिरफ्तारियों के बीच पुलिस ने संदेशखाली मामले में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। राशन घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अधिकारियों पर हुए हिंसक हमले के मामले में करीब साढ़े तीन साल बाद टीएमसी की दो प्रभावशाली महिला नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गिरफ्तार की गईं महिला नेताओं की पहचान सबिता रॉय (बशीरहाट टीएमसी संगठनात्मक जिला अध्यक्ष और संदेशखाली-1 पंचायत समिति अध्यक्ष) और मिठू सरदार (संदेशखाली-1 ब्लॉक टीएमसी अध्यक्ष और पंचायत समिति कर्माध्यक्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों ही नेता संदेशखाली के निलंबित नेता शेख शाहजहाँ की बेहद करीबी मानी जाती हैं।
नैजात थाने की पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों नेता गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रही हैं। इसी आधार पर पुलिस ने मंगलवार रात दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर इलाके में छापेमारी कर दोनों को धर दबोचा। पुलिस के अनुसार, 5 जनवरी 2023 को जब ईडी की टीम राशन घोटाले की जांच के लिए संदेशखाली गई थी, तब उन पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें दोनों की मुख्य भूमिका थी। इसके अलावा मिठू सरदार पर 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा और विरोधियों के घरों में तोड़फोड़ के भी कई आरोप हैं। बुधवार को दोनों आरोपियों को बशीरहाट उप-मंडल अदालत में पेश किया गया, जहाँ पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए उनकी कस्टडी मांगी है।