देहरादून , सन्मार्ग ब्यूरो : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास पर “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत उत्तर-पूर्वी राज्यों के युवाओं ने संवाद किया। ये युवा देहरादून से उत्तरकाशी की यात्रा पर तीन दिवसीय राज्य भ्रमण कार्यक्रम के तहत आए हुए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से आए सभी छात्र-छात्राओं का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि देश के “अष्टलक्ष्मी” कहे जाने वाले उत्तर-पूर्वी राज्यों एवं लद्दाख जैसे हिमालयी क्षेत्रों से आए युवाओं के बीच उपस्थित होकर उन्हें अत्यंत हर्ष की अनुभूति हो रही है।
उन्होंने कहा कि ये सभी युवा अपने-अपने राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विशिष्ट पहचान के साथ उत्तराखंड को और अधिक समृद्ध बनाने आए हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न वेशभूषा, भाषाएं, परंपराएं और जीवनशैली भारत की “विविधता में एकता” की भावना को साकार करती हैं। उन्होंने उत्तर-पूर्वी राज्यों की प्राकृतिक सुंदरता का उल्लेख करते हुए कहा कि अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली चोटियाँ, असम के चाय बागान, मणिपुर की लोकतक झील, मेघालय के पर्वत, मिजोरम की वादियां, नागालैंड की परंपराएं, सिक्किम की कंचनजंगा, त्रिपुरा की विरासत और लद्दाख की हिमालयी सुंदरता भारत की विविधता को विशेष पहचान देती हैं।
उत्तर-पूर्वी राज्यों के छात्रों ने मुख्यमंत्री से कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने विस्तारपूर्वक आत्मीयता के साथ उत्तर दिया। त्रिपुरा की एक छात्रा ने राज्य में छात्रों की सुविधा और सुरक्षा के संबंध में प्रश्न पूछा मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में देश-विदेश से छात्र शिक्षा ग्रहण करने आते हैं और उनकी सुविधा और सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
अरुणाचल प्रदेश के एक छात्र ने उत्तराखंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर सवाल पूछा उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियाँ काफी हद तक समान हैं, जिससे “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को और मजबूती मिलती है। उत्तराखंड में महिलाओं की भूमिका पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में धामी ने बताया कि राज्य में 2 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं तथा महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार ने 19 हजार करोड़ रुपये का जेंडर बजट निर्धारित किया है।