स्नेहा गुप्ता 
टॉप न्यूज़

रूसी पुलिस ने मेरे पति को हिरासत में लिया, सेना में भर्ती होने दबाव डाल रही है : भारतीय महिला

मास्को : एक भारतीय महिला ने आरोप लगाया है कि मॉस्को में रूसी पुलिस ने उसके पति को हिरासत में ले लिया है और उन पर रूसी सेना में शामिल होने का दबाव डाल रही है। उसके बाद भारतीय दूतावास ने रूस से उसे राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की मांग की है।

क्या बताया स्नेहा गुप्ता ने ?

स्नेहा गुप्ता ने छह सितंबर को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किये गये एक अपील वीडियो में ये आरोप लगाए हैं। स्नेहा अपने इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर खुद को वकील बताती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति चंदन गुप्ता कानपुर के एक अभियंता हैं और वे दोनों मॉस्को में उनके ‘हाईली क्वालिफाइड स्पेशलिस्ट’ वीजा पर रह रहे हैं। स्नेहा ने कहा कि यह वीजा नोएडा की एक कंपनी ने जारी किया था, जहां उनके पति काम करते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी पुलिस ने बिना किसी गलती के रविवार रात करीब 12:30 बजे उनके पति को हिरासत में ले लिया। स्नेहा ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके पति पर रूसी सेना में शामिल होने के लिए दबाव डाला जा रहा है। भारतीय महिला का कहना है कि रूसी सेना में सैनिकों की कमी के कारण विदेशी नागरिकों को भर्ती करने की कोशिशें की जा रही हैं। स्नेहा के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अपने वीडियो संदेश में स्नेहा ने बताया कि उनका 10 साल का बेटा है और वह परेशान हैं क्योंकि उन्हें स्थानीय भाषा नहीं आती है और उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इस स्थिति से कैसे निपटें।

भारतीय दूतावास ने क्या कहा ?

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत सरकार से अपील की कि वे दखल दें तथा उनके पति की रिहाई और सुरक्षित वापसी में मदद करें। रूस में भारतीय दूतावास ने छह सितंबर को कहा कि वह इस मामले को लेकर स्नेहा और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘हमने एक भारतीय नागरिक का अपने पति के बारे में सोशल मीडिया पोस्ट देखा है। हम इस मामले में उनसे और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, यह एक कानूनी मामला है और वे इसकी जांच कर रही हैं। दूतावास ने उन्हें राजनयिक पहुंच उपलब्ध कराने की भी मांग की है।’’

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत उन भारतीय नागरिकों को रूसी सेना से मुक्त कराने और वापस लाने की लगातार कोशिश कर रहा है जिन्हें सेना में भर्ती किया गया था। पिछले हफ़्ते (भारतीय) विदेश मंत्रालय ने बताया कि रूसी सेना में 227 भारतीय नागरिकों को भर्ती किया गया था, जिनमें से 139 को मुक्त कर दिया गया और 51 की मौत हो गई। मंत्रालय ने कहा कि भारत बाकी भारतीय नागरिकों को जल्द मुक्त कराने और वापस लाने के लिए रूस के साथ बातचीत कर रहा है।

SCROLL FOR NEXT