रानाघाट पुलिस द्वारा निकाली गयी जागरुकता साइकिल रैली  
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“सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा”: कल्याणी में गूँजा जागरूकता का संदेश

रैली और सेमिनार के जरिए छात्रों व पुलिसकर्मियों को किया गया जागरूक; पद्मश्री डॉ. बी.के.एस. संजय ने साझा किए विचार

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कल्याणी: सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एम्स (AIIMS) कल्याणी में एक विशेष सेमिनार और साइकिल रैली का आयोजन किया गया। “सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा” थीम पर आधारित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन राणाघाट पुलिस जिला, आईआईएसईआर (IISER) कोलकाता और माकौट (MAKAUT) पश्चिम बंगाल के संयुक्त सहयोग से किया गया।

गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

कार्यक्रम की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शिक्षा और पुलिस प्रशासन के कई दिग्गज शामिल हुए। समारोह में राणाघाट पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक (SP), आशीष मौर्य, एम्स कल्याणी के अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) योगेंद्र कुमार गुप्ता, कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अरविंद सिन्हा सहित आईआईएसईआर व माकौट के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में पद्मश्री प्रोफेसर (डॉ.) भूपेंद्र कुमार सिंह संजय (अध्यक्ष, एम्स गुवाहाटी) ने शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में सड़क सुरक्षा को स्वास्थ्य और जीवन की सुरक्षा से जोड़ते हुए कई बहुमूल्य सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना केवल कानूनी मजबूरी नहीं, बल्कि जीवन के प्रति एक जिम्मेदारी है।

साइकिल रैली ने खींचा सबका ध्यान

सेमीनार के बाद एक विशाल साइकिल रैली निकाली गई, जिसे वरिष्ठ अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आम जनता को यह संदेश देना था कि सड़क पर सतर्कता ही दुर्घटनाओं से बचाव का एकमात्र उपाय है। रैली के दौरान प्रतिभागी हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और तेज रफ्तार से बचने की अपील की गई थी।

छात्रों और पुलिसकर्मियों की सक्रिय भागीदारी

इस जागरूकता अभियान में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। युवाओं के साथ-साथ राणाघाट पुलिस जिले के पुलिसकर्मियों ने भी इसमें बढ़-चढ़कर भागीदारी की। पुलिस प्रशासन का मानना है कि यदि युवा वर्ग यातायात नियमों के प्रति सचेत हो जाए, तो समाज में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

सामूहिक प्रयास की सराहना

राणाघाट पुलिस जिले और एम्स प्रशासन ने इस सामूहिक पहल की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपस्थित वक्ताओं ने जोर दिया कि "सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा" केवल एक नारा नहीं बल्कि एक मिशन होना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई।

इस सफल आयोजन से न केवल छात्रों में उत्साह देखा गया, बल्कि स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस और चिकित्सा संस्थानों के इस साझा प्रयास की प्रशंसा की।

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