बंगाल स्कूल हिंसा पर सरकार गंभीर, जल्द होगी समीक्षा
मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिला स्कूल में शिक्षकों और छात्रों के बीच हुई झड़प ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीचर्स डे के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 10वीं कक्षा के छात्रों और हेडमास्टर के बीच उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस घटना में हेडमास्टर के घायल होने की खबर है, जिसके बाद छात्रों ने उन्हें हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। केवल जलपाईगुड़ी ही नहीं, बल्कि उत्तर 24 परगना के गोबरडांगा गर्ल्स हाई स्कूल में पूर्व छात्र द्वारा शिक्षिका को परेशान करने, गोपालनगर में अभिभावक द्वारा शिक्षक को पीटने और बांकुड़ा में हेडमास्टर पर अंडे बरसाने जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो लगातार बिगड़ती सामाजिक स्थिति को दर्शाती हैं।
शिक्षक संगठनों ने हिंसा पर सीएम को पत्र
बढ़ती हिंसा और अनुशासनहीनता से चिंतित शिक्षक संगठनों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की है। 'एडवांस्ड सोसाइटी फॉर हेडमास्टर्स एंड हेडमिस्ट्रेसेस' के जनरल सेक्रेटरी चंदन माइती ने कहा कि असहमति जताने के लोकतांत्रिक तरीके होते हैं, लेकिन नाराजगी का इस तरह सामूहिक आक्रामकता में बदलना बेहद खतरनाक है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों में तोड़-फोड़ और उत्पीड़न की घटनाओं पर तुरंत एफआईआर दर्ज करने तथा निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन आगामी शुक्रवार को संबंधित स्कूल का दौरा करेंगे और इलाके के अन्य विद्यालय प्रमुखों से मुलाकात कर हालात का जायजा लेंगे।