मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राज्य शिक्षा विभाग ने शिक्षण संस्थानों में स्वस्थ माहौल तैयार करने के लिए सभी सरकारी और सहायता प्राप्त सेकेंडरी व हायर सेकेंडरी स्कूलों को तुरंत 'नशा-मुक्त विद्यालय' (NMV) पोर्टल पर रजिस्टर करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम राष्ट्रीय स्तर की उच्च-स्तरीय बैठकों और तीन साल की कार्ययोजना के तहत उठाया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को मादक पदार्थों से दूर रखना, जागरूकता बढ़ाना और परिसरों में इनकी रोकथाम के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था तैयार करना है।
नशे की सप्लाई रुकेगी, तभी सुरक्षित होंगे स्कूल
बंगिया शिक्षक व शिक्षक-कर्मी समिति' के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि केवल ऑनलाइन पंजीकरण भर से यह समस्या खत्म नहीं हो सकती। सबसे पहली और अनिवार्य जरूरत यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षण संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री पूरी तरह से बंद हो। जब तक परिसरों के इर्द-गिर्द तंबाकू या अन्य नशीले उत्पादों की उपलब्धता पर अंकुश नहीं लगाया जाता, तब तक इस अभियान का पूर्ण सफल होना मुश्किल है। मादक पदार्थों के उत्पादन और खुदरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ कड़े कदम उठाना बेहद जरूरी है। पोर्टल और निगरानी अपनी जगह उपयोगी हैं, लेकिन असली बदलाव तभी आएगा जब आपूर्ति की जड़ों पर सीधा प्रहार किया जाएगा और स्कूलों के आसपास सुरक्षा का एक सख्त घेरा तैयार किया जाएगा।