कोलकाता: राज्यभर में चल रहे जनकल्याणकारी 'युवसाथी योजना' के लिए 'स्वनिर्भर बांग्ला' शिविरों को लेकर लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखा जा रहा है। कुल 1604 कैंपों में अब तक बड़ी संख्या में लोग पहुंच चुके हैं। सोमवार को इन शिविरों में आने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 15 लाख 36 हजार 450 हो गई, जो प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इनमें से 13 लाख 44 हजार 812 आवेदन केवल युवसाथी परियोजना के लिए जमा किए गए हैं। इस योजना को लेकर युवाओं में विशेष रुचि देखी जा रही है। जिलावार आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक आवेदन मुर्शिदाबाद जिले से प्राप्त हुए हैं, जबकि सबसे कम आवेदन कालिम्पोंग जिले में दर्ज किए गए हैं।
ऑनलाइन माध्यम से भी लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। बीती रात 12 बजे से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद शाम 6 बजे तक 1 लाख 20 हजार आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए। इससे स्पष्ट है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी लोग सक्रिय रूप से योजनाओं का लाभ लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
इसके अलावा, शिविरों में पहुंचकर करीब दो लाख लोगों ने खेत मजदूर भत्ता और लक्ष्मी भंडार योजना के लिए भी आवेदन किया। प्रशासन का कहना है कि सभी शिविरों में पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार की योजनाओं को लेकर जनता की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।