नई दिल्ली : देश में जल्दी ही प्लास्टिक के नोट देखने को मिल सकते हैं। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज कहा कि भारत के पहले प्लास्टिक या पॉलीमर नोट अगले फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में चलन में आ सकते हैं। सरकार ने RBI को फील्ड ट्रायल के लिए 2 अरब पॉलीमर बैंक नोट छापने की मंजूरी दी है। इनमें से 1 अरब नोट 10 रुपये के और 1 अरब नोट 20 रुपये के होंगे। हालांकि अभी कागजी नोटों को पूरी तरह से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दोनों तरह के नोट साथ-साथ चलन में रहेंगे।
'प्रोजेक्ट अभी पायलट स्टेज पर है'
मौद्रिक नीति समिति के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्लास्टिक नोट से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए मल्होत्रा ने कहा कि यह प्रोजेक्ट अभी पायलट स्टेज पर है और इसे आगे बढ़ाने का फैसला टेस्टिंग के नतीजों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, 'अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ, तो अगले फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत में पॉलीमर नोट चलन में आ जाएंगे।'
मल्होत्रा ने बताया कि पॉलीमर नोट लाने के पीछे दो मकसद हैं। ये नोट ज्यादा टिकाऊ बनते हैं। यह खासकर कम कीमत वाले नोटों के लिए जरूरी है, जिनका इस्तेमाल ज्यादा होता है। कई देशों में ये नोट 30 से ज्यादा साल से समय से चलन में हैं। इनकी उम्र कागजी नोटों के मुकाबले कहीं ज्यादा होती है। दूसरा मकसद यह है कि जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था की जरूरतें बढ़ती हैं, हमारी क्षमता भी बढ़ती है।