नई दिल्ली/रांची : रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के दफ्तर पर हमले में पाकिस्तानी कनेक्शन का पता चला है । जांच कर रहे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार RSS दफ्तर पर हमला करने वाले तीनों आरोपी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में थे। आईएसआई ने इन तीनों को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया था। वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपियों को जांच एजेंसी ने बिहार के गयाजी स्टेशन से पकड़ा, जिसके बाद मामले की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
जांच में यह भी पता चला है कि रांची के निवारणपुर में स्थित RSS दफ्तर पर हमला करने वाले तीनों आरोपी झारखंड के ही रहने वाले हैं। एक आरोपी रांची से ही है, जबकि दो आरोपी झारखंड के लोहरदगा का रहने वाला है। हालांकि जांच एजेंसी ने अभी इनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है। बता दें कि संघ कार्यालय पर दो पेट्रोल बम फेंके गए थे। एक बम आरएसएस दफ्तर के गेट के बाहर बरामद हुआ जबकि दूसरा पेट्रोल बम आरएसएस दफ्तर की छत पर फेंका गया था।
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आरएसएस कार्यालय पर हमला करने वाले आरोपियों को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने सोशल मीडिया के जरिए भर्ती किया था। इन लोगों ने बकायदा रेकी कर हमले को अंजाम दिया गया था। गत16 जून की रात करीब 11 बजकर 35 मिनट पर इन लोगों ने संघ कार्यालय पर बम फेंके।
ISI का लिंक सामने आने के बाद अब इस हमले के पीछे शहजाद भट्टी मॉड्यूल के होने का शक जताया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने कई राज्यों की पुलिस टीम के साथ मिलकर आईएसआई समर्थिक शहजाद भट्टी मॉड्यूल के 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इन सभी की साजिश दिल्ली सहित देश के अन्य शहरों को दहलाने की थी। मामले में और छापेमारी लगातार जारी है।
जांच एजेंसी ने अभी तक आरोपियों का नाम-पता नहीं उजागर किया है, लेकिन यह बात सामने आई कि है कि हमले में पकड़े गए तीनों आरोपी एक विशेष समुदाय से हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये लोग पेट्रोल बम बनाना सीख रहे थे। आरोपी अभी पूरी तरह से बनाने में एक्सपर्ट नहीं हुए थे। बम का रॉ मैटेरियल मौके से बरामद किया गया है।
सबसे अहम पहलू UAPA है, जिसके तहत अगर आरोप साबित होते हैं तो यह मामला सामान्य आपराधिक घटना से आगे बढ़कर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा अपराध माना जाएगा। ऐसी स्थिति में आरोपियों को लंबी न्यायिक हिरासत, विशेष अदालत में ट्रायल और कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। एसआईटी ने घटना में शामिल आरोपियों को बिहार के गया रेलवे स्टेशन से पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया, जब वे सभी भागने की कोशिश कर रहे थे।