कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस छोड़कर हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आधिकारिक आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच लगभग 30 मिनट तक विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज हो गया है कि बैठक में संसदीय कार्यप्रणाली के अलावा पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति और अन्य समसामयिक मुद्दों पर भी बातचीत हुई।
करीबी सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान सुखेंदु शेखर राय की संसदीय कार्यशैली की खुलकर सराहना की। उन्होंने उपस्थित लोगों से कहा कि उन्होंने कई अवसरों पर सुखेंदु शेखर के भाषण सुने हैं और हमेशा उन्हें संसद की गरिमा बनाए रखते हुए अपनी बात रखते देखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सुखेंदु शेखर कभी भी व्यक्तिगत टिप्पणी या कटु राजनीतिक हमलों की राजनीति में विश्वास नहीं करते। उन्होंने सरकार की आलोचना जरूर की, लेकिन संसदीय परंपराओं और नियमों का कभी उल्लंघन नहीं किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सशक्त विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और सरकार को विपक्ष की बात गंभीरता से सुननी चाहिए। उन्होंने सांसदों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थी जैसी सीखने की भावना के साथ सदन में आएं, तथ्यों के आधार पर स्वस्थ और रचनात्मक चर्चा करें तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उनके अनुसार, संवाद, शालीनता और संसदीय मर्यादा ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हैं और इन्हीं मूल्यों के पालन से संसद की गरिमा तथा लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा की जा सकती है।