सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्य सभा चुनाव के लिए विधानसभा में तैयारियां तेज हो गयी है। तृणमूल कांग्रेस ने अपने विधायकों को विधानसभा में तीन अलग अलग तारीखों पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। मंगलवार से विधायकों को फोन किये जा रहे हैं। जिलों के विधायकों को फोन पर बताया जा रहा है कि उन्हें विधानसभा कौन कौन से दिन आने हैं।
* इन तारीखों पर रहना होगा विधायकों को मौजूद
तृणमूल विधायकों को 26, 27 फरवरी और 2 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचने के लिए कहा गया है। इन तीन अलग तारीखों पर विधायकों को अपनी सुविधा अनुसार आना जरूरी होगा। दरअसल, राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के तहत प्रत्येक उम्मीदवार के लिए 10 प्रस्तावकों (प्रोपोजर) के हस्ताक्षर आवश्यक हैं। इसी प्रक्रिया के तहत विधायकों को प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर करने के लिए बुलाया गया है।इसके लिए तीन अलग अलग तारीखे तय की गई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, सभी विधायकों को फोन कर सूचना दी जा रही है, ताकि कोई भी अनुपस्थित न रहे। राज्यसभा के लिए तृणमूल के चार उम्मीदवारों के नाम घोषित होंगे। विधानसभा अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्रत्येक उम्मीदवार के लिए 10 प्रस्तावकों की आवश्यकता है। तृणमूल सूत्रों के मुताबिक एक उम्मीदवार के लिए तीन से अधिक सेट करने के बारे में विचार किया जा रहा है। करीब 4 सेट तैयार करने की योजना है।
* क्या मतदान की नौबत आएगी?
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा की 5 सीटों पर 16 मार्च को मतदान प्रस्तावित है। हालांकि, विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मतदान की आवश्यकता संभवतः नहीं पड़ेगी और उम्मीदवार निर्विरोध चुने जा सकते हैं।4 सीटें तृणमूल और 1 सीट बीजेपी को मिलनी तय मानी जा रही है।