प्रोटकॉल की ‘अनदेखी’- 1 
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राहुल सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानते : सीआरपीएफ का दावा

सीआरपीएफ ने राहुल के साथ साथ खरगे को भी खत लिख्घ्कर जतायी ‘नाराजगी’

नयी दिल्ली : केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई बार अपनी आवाजाही के दौरान कुछ सुरक्षा प्रोटोकॉल का ‘उल्लंघन’ किया है। सीआरपीएफ की वीआईपी सुरक्षा शाखा, लोकसभा में विपक्ष के नेता को ‘जेड प्लस एडवांस सिक्योरिटी लाइजन कवर (एएसएल)’ सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करती है। जब भी राहुल गांधी कहीं जाते हैं, लगभग 10-12 सशस्त्र सीआरपीएफ कमांडो उन्हें सुरक्षा प्रदान करते हैं।

बिना बताये पिछले 9 महीने में 6 बार विदेश गये

सीआरपीएफ ने न केवल राहुल गांधी को बल्कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी पत्र लिखकर चिंता जताते हुए कहा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बिना बताये पिछले 9 महीने में 6 बार विदेश गये। इस दौरान उन्होंने इटली, वियतनाम, दुबई, कतर, लंदन और मलेशिया की यात्रा की। पत्र में लिखा है कि इस तरह की चूक वीवीआईपी सिक्योरिटी को कमजोर करती है। उन्हें खतरों का भी सामना करना पड़ सकता है। इससे पहले भी सीआरपीएफ इस मुद्दे को उठा चुका है। गौरतलब है कि राहुल गांधी को एडवांस सिक्योरिटी लाइजन कवर के साथ सर्वोच्च स्तर की जेड+ सिक्योरिटी मिली हुई है। येलो बुक प्रोटोकॉल के तहत उच्च श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त लोगों को अपनी गतिविधियों के बारे में सुरक्षा विंग को पहले से सूचना देनी होती है ताकि पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसमें विदेश यात्रा भी शामिल है।

प्रोटकॉल की ‘अनदेखी’- 2

राहुल अपनी सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे

सीआरपीएफ के वीवीआईपी सिक्योरिटी हेड सुनील जून ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपनी सुरक्षा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं क्योंकि वे ज्यादातर विदेश यात्रा पर बिना किसी को बताये जा रहे हैं। सीआरपीएफ ने राहुल की 30 दिसंबर से 9 जनवरी तक इटली, 12 से 17 मार्च वियतनाम, 17 से 23 अप्रैल दुबई, 11 से 18 जून कतर, 25 जून से 6 जुलाई लंदन और 4 से 8 सितंबर मलेशिया जैसी विदेश यात्राओं का हवाला दिया है।

प्रोटकॉल की ‘अनदेखी’- 3

पहले भी शिकायत कर चुका सीआरपीएफ

यह पहली बार नहीं है जब सीआरपीएफ ने राहुल गांधी को उनके सुरक्षा कवर को लेकर पत्र लिखा है। सीआरपीएफ ने बताया कि राहुल ने 2020 से अब तक 113 मौकों पर सुरक्षा दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है, जिसमें पार्टी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का दिल्ली फेज भी शामिल है।

केंद्र ने 2019 में वापस ले ली थी एसपीजी सिक्योरिटी

केंद्र ने 2019 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके बच्चों राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को दी गयी विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) सुरक्षा वापस ले ली थी। इस सुरक्षा कवर की जगह सीआरपीएफ ने ले ली। सपीजी सिक्योरिटी गांधी परिवार के पास करीब 3 दशक तक रही।

क्या होता है एएसएल कवर

एएसएल कवर उच्चस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था है। यह जेड प्लस और बाकी वीआईपी सिक्योरिटी कैटेगरी से भी आगे है क्योंकि इसमें तैयारी और समन्वय बहुत सघन होता है। इसके तहत जिस स्थान पर उक्त सुरक्षा कवर प्राप्त अति विशिष्ट व्यक्ति यानी वीआईपी जायेगा वहां सुरक्षा खामियों की जांच करनी होती है। जिला प्रशासन, राज्य पुलिस, स्वास्थ्य विभाग से पहले से जुड़कर योजना बनाना कि सुरक्षा व्यवस्था कैसी होगी। इसके अलावा संभावित धमाकों, विस्फोटक सामग्री के लिए जांच, लोगों की तलाशी सुरक्षा उपकरणों की तैयारियों की समीक्षा की जाती है। किस समय कहां जाना है, रास्ता कैसा होगा। इमरजेंसी प्लान क्या होगा, आपात स्थिति में क्या करना होगा, इन सबकी प्रैक्टिस की जाती है।

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