नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा में पानी से भरे एक गड्ढे में डूब कर एक इंजीनियर की मौत होने की घटना को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि शहरी इलाकों में व्यवस्था के पतन का मुख्य कारण जवाबदेही नहीं होना है।
बीते शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 20 फुट से अधिक गहरे पानी से भरे एक गड्ढे में एक कार के गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, "सड़कें जान ले रही हैं, पुल जान ले रहे हैं, आग जान ले रही है, प्रदूषण जान ले रहा है, भ्रष्टाचार मार रहा है, उदासीनता मार रही है। भारत का शहरी स्तर पर पतन का कारण धन, प्रौद्योगिकी या समाधान की कमी नहीं है, बल्कि यह जवाबदेही के अभाव के कारण है।" उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, "टीना : देयर इस नो अकाउंटेबिलिटी (कोई जवाबदेही नहीं है)।"
गौरतलब है कि नोएडा के सेक्टर-150 में शुक्रवार की रात 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई थी। युवराज गुरुग्राम की एक कंपनी में काम करते थे। शुक्रवार की रात वह ऑफिस से घर ग्रेटर नोएडा आ रहे थे। घने कोहरे और दृश्यता कम होने के कारण सड़क के एक मोड़ पर उनकी कार नियंत्रण से बाहर हो गई। यह घटना सेक्टर-150 एटीएस ले-ग्रैडियोज के पास टी-प्वाइंट पर हुई। कार नाले की दीवार तोड़कर एक निर्माणाधीन मॉल के परिसर में जा गिरी, जहां पानी भरा हुआ था। जिस मॉल के गड्ढे में डूबने से युवराज की मौत हुई, उसे नोएडा प्राधिकरण ने अपने कब्जे में ले रखा था, लेकिन इसके बावजूद प्लॉट के आसपास कोई सेफ्टी वॉल नहीं बनाई गई थी।
युवराज के पिता राजकुमार मेहता का कहना है कि खतरनाक मोड़ होने के बावजूद वहां पुलिस ने बैरिकेडिंग नहीं की हुई थी और न ही रिफ्लेक्टर्स लगे हुए थे। इसी वजह से यह हादसा हुआ है। इस घटना को लेकर पूरे देश में प्रतिक्रिया हुई है। खास कर नोएडा प्रशासन पर सवाल खड़ा किया गया।