पटना : बिहार की राजनीति में सरकारी बंगले को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। राज्य सरकार ने यह बंगला अब पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित कर दिया है।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने रविवार को भवन निर्माण विभाग (BCD) का एक आधिकारिक पत्र सार्वजनिक किया, जिसमें मंत्री नंदकिशोर राम को उक्त बंगला आवंटित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद राबड़ी देवी ने बंगला खाली करने से साफ इनकार कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, विवाद की एक बड़ी वजह वह अंधविश्वास है, जो राबड़ी देवी को सरकार द्वारा आवंटित नए आवास को लेकर है। उन्हें 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास में स्थानांतरित होने के लिए कहा गया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस बंगले को लेकर यह धारणा है कि यहां रहने वाले कई नेताओं का राजनीतिक करियर बाद में ठहर गया।
बताया जाता है कि इस आवास में पहले भूपेंद्र प्रसाद वर्मा, मदन मोहन झा, शमीम अहमद, चंद्र मोहन राय, विनोद नारायण झा और रामसूरत राय जैसे कई नेता रह चुके हैं। इनमें से कोई भी नेता बाद में मंत्री पद पर वापसी नहीं कर सका। इसी वजह से इस बंगले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रही हैं।
राबड़ी देवी ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर मौजूदा आवास नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार चाहती है तो उन्हें बलपूर्वक बेदखल कर सकती है, लेकिन वह स्वयं बंगला खाली नहीं करेंगी।
गौरतलब है कि राबड़ी देवी पिछले 21 वर्षों से 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास में रह रही हैं। यह बंगला राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की राजनीतिक पहचान का भी हिस्सा माना जाता है।
दरअसल, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बनने के बाद निर्णय लिया गया था कि 10, सर्कुलर रोड का बंगला केवल उपमुख्यमंत्री के लिए आरक्षित रहेगा। उस समय नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राबड़ी देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास आवंटित किया गया था। हालांकि उन्होंने अब तक पुराना बंगला खाली नहीं किया।
हाल ही में जारी नए नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि 10, सर्कुलर रोड का आवास अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित किया जा चुका है और इसे तत्काल खाली कराया जाना है। सूत्रों के मुताबिक, बंगले पर नए मंत्री के नाम की नेमप्लेट लगाने की तैयारी भी शुरू हो गई है।
वहीं, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने कहा कि सरकारी आवासों का आवंटन सरकार का विशेषाधिकार है और कोई भी व्यक्ति किसी विशेष बंगले पर स्थायी दावा नहीं कर सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते राबड़ी देवी सरकारी नियमों का सम्मान करेंगी।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि राबड़ी देवी सरकार के आदेश का पालन करती हैं या यह मामला राजनीतिक और कानूनी टकराव का नया रूप लेता है।