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पुष्पा ने कहा था झुकेगा नहीं, मगर कैसे झुक गया...

फलता में चुनावी ट्विस्ट, विपक्ष ने उठाये सवाल

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : दक्षिण 24 परगना जिले की फलता सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने 21 मई को होने वाले चुनाव के लिए प्रचार समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ही चुनाव मैदान से पीछे हटने का फैसला किया। उसके इस फैसले की पीछे बड़ी वजह मानी जा रही है। इस पर विभिन्न राजनीतिक दलों के विधायकों की प्रतिक्रिया आयी है। आईएसएफ के विधायक नौसाद सिद्दीकी ने इसके पीछे कई कारण होने का अंदेशा जताते हुए उन्हें गिनाया है। नौसाद सिद्दीकी ने कहा कि चुनाव के ठीक एक दिन पहले तृणमूल उम्मीदवार जो कि अपने आपको पुष्पा समझता था, सोशल मीडिया में उसका वह वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें उसने कहा था कि पुष्पा झुकेगा नहीं, अचानक चुनाव से पीछे हट गया है। मेरा मानना है कि इस कदम से वह भाजपा को ग्रीन सिग्नल दे रहा है कि वह उनका ही आदमी है, अब आप मुझे छोड़ दें। मुझ पर कोई एक्शन ना लें। दूसरी बात यह भी हो सकता है कि तृणमूल का कोई इंटरनल समझौता है। तृणमूल को पता चल गया कि अब चुनाव हुए तो उनके उम्मीदवार तीसरे या चौथे स्थान पर भी नहीं रहेगा। मैं ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि क्योंकि आपलोग देखिये तृणमूल के 80 विधायक किसी भी मुद्दे में रास्ते पर नहीं उतर रहे हैं। आने वाले दिनों में देखियेगा, इसका परिणाम क्या होगा।

बॉस-बॉस कहने वाला क्यों पीछे हटा

तृणमूल के विधायक कुणाल घोष ने कहा था, यह देखना होगा कि वहां किसी तरह का भय का माहौल तो नहीं बनाया गया था क्योंकि जिसने कहा था कि पुष्पा झुकेगा नहीं वह अब अचानक कैसे झुक गया। पूरी बात क्या है, इसका हमलोग विश्लेषण करेंगे। डायमंड हार्बर एक मॉडल है और अभिषेक बनर्जी ने वहां से भारी मतों से सांसद के रूप में जीत हासिल की थी। मीडिया द्वारा पूछे जाने पर कि पुष्पा का पीछे हटना क्या हायमंड हार्बर मॉडल की विफलता है, इस पर कुणाल ने प्रवक्ता के तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान में आरोप लगाया कि चार मई को विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद निर्वाचन क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया गया था।

कांग्रेस को समर्थन करें तृणमूल समर्थक : शुभंकर सरकार

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कहा कि तृणमूल उम्मीदवार के कदम पीछे हटाने से यह साबित होता है कि बंगाल में चुनाव में तृणमूल और भाजपा के बीच की लड़ाई में सच्चाई नहीं थी। हमलोग शुरू से ही कहते आये हैं कि भाजपा के खिलाफ एक मात्र कांग्रेस ही लड़ सकती है। इसलिए हमारा आग्रह है कि कांग्रेस के प्रार्थी अब्दुल रेज्जाक मोल्ला को समर्थन करें। तृणमूल समर्थक से भी कहूंगा कि आपलोगों को गलत नेतृत्व दिया गया, बार - बार ठोकरें भी खानी पड़ीं, आइये अब कांग्रेस का साथ दीजिए।

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