सबिता, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : दुर्गापूजा के VIP पास के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों के बीच दुर्गापूजा समन्वय समिति ने इस साल VIP पास बंद करने का फैसला किया है। समिति की ओर से बुधवार को आयोजित पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में समिति के प्रमुख आयोजक रुद्रनील घोष ने कहा कि पास या टिकट के बदले किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि VIP का मतलब सिर्फ नेता-मंत्री नहीं, बल्कि गरीब, बुजुर्ग, बीमार लोगों के साथ-साथ समाजसेवी, डॉक्टर, नर्स, पुलिस और दमकलकर्मी भी हैं। हमलोग के यहां से समिति की ओर से एक भी पास की बिक्री नहीं होगी। आयोजकों से सभी को समान रूप से प्रतिमा दर्शन की सुविधा देने की अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार सभी दुर्गापूजा को समान महत्व देने और पूजा को वास्तविक अर्थों में विश्वजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। समिति के अनुसार, अब तक करीब 700-800 पूजा समितियां सदस्य बन चुकी हैं।