सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : दक्षिण अंडमान के उपायुक्त अर्जुन शर्मा ने यह आशंका जताते हुए कि असामाजिक तत्व दक्षिण अंडमान में आवासीय व वाणिज्यिक क्षेत्रों में चुपके से पनाह ले सकते हैं, भूमि मालिकों, संपत्ति स्वामियों और प्रतिष्ठान प्रबंधकों को सभी किरायेदारों, पेइंग गेस्ट और घरेलू सहायकों का विस्तृत विवरण स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराने का आपात आदेश जारी किया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता -2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है, जो 2 दिसंबर 2025 से प्रभावी हो गया है और यह 60 दिनों तक लागू रहेगा। प्रशासन को आशंका है कि यदि तात्कालिक रोकथाम उपाय नहीं अपनाए गए तो असामाजिक तत्व किराए के आवास का दुरुपयोग कर गुप्त ठिकाने बना सकते हैं, जिससे जन-सुरक्षा, शांति और संपत्ति को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। आदेश में कहा गया है कि साधारण किरायेदार, पेइंग गेस्ट या घरेलू कर्मचारी बनकर रहने वाले व्यक्ति सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। नए निर्देश के तहत कोई भी मकान मालिक, स्वामी या प्रबंधक किसी भी आवासीय या वाणिज्यिक परिसर को किराए पर नहीं दे सकता, उप-भाड़े पर नहीं दे सकता और न ही किसी को ठहरने की अनुमति दे सकता है, जब तक कि किरायेदार या पेइंग गेस्ट का पूरा विवरण संबंधित थाने में जमा न किया जाए। यही नियम घरेलू नौकरों, सहायकों या ऐसे किसी भी कर्मचारी पर लागू होता है।
जिन लोगों के यहां पहले से किरायेदार या घरेलू सहायक मौजूद हैं और जिनका विवरण अब तक पुलिस को नहीं दिया गया है, उन्हें भी आदेश की अवधि के दौरान अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। किसी भी उल्लंघन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता -2023 की धारा 208 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने जोर देकर कहा है कि निवासियों, संपत्ति स्वामियों और नियोक्ताओं का सहयोग जन-सुरक्षा सुनिश्चित करने और आवासीय परिसरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।