टॉप न्यूज़

डिगलीपुर में डीम्ड यूनिवर्सिटी प्रस्ताव के खिलाफ धरना

किसान यूनियन और अन्य संगठनों का समर्थन

सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : जनरल कॉल-ऑफ के तहत आज सुबह डिगलीपुर के लोगों ने चिल्ड्रेन पार्क में एकत्र होकर सरकार के उस प्रस्ताव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें अंडमान के सात सरकारी कॉलेजों को पांडिचेरी विश्वविद्यालय से अलग कर “डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी” में परिवर्तित करने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार डिगलीपुर के लोग, विशेषकर छात्रों के अभिभावक, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, किसान यूनियन तथा ऑटो-रिक्शा यूनियन के सदस्य सहायक आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित चिल्ड्रेन पार्क के शेड के नीचे धीरे-धीरे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन शुरू किया। सभा को संबोधित करते हुए सीतानगर ग्राम पंचायत के प्रधान श्री बिप्लब मंडल ने कहा कि “डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी” छात्रों के हित में किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। उनके अनुसार इस व्यवस्था से शिक्षा की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने तथा केंद्र सरकार के साथ गंभीर चर्चा शुरू करने की मांग की। राम नगर के प्रधान श्री मिथुन दास ने भी सातों सरकारी कॉलेजों को पांडिचेरी विश्वविद्यालय से अलग करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सोसायटी एक्ट के तहत एनएससीबीएचएलआई के रूप में “डीम्ड यूनिवर्सिटी” लाने की योजना पूर्व में ही तैयार की गई थी और इससे डिग्री के मूल्य तथा शिक्षा स्तर पर असर पड़ सकता है। किसान यूनियन डिगलीपुर के अध्यक्ष कमल हलदर ने प्रशासन के निर्णय की आलोचना करते हुए कहा कि उनका संगठन छात्रों की मांगों के साथ खड़ा है और इसी विरोध के तहत आज सब्जी बाजार बंद रखने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। पूर्व प्रधान एवं भाजपा नेत्री अल्पना मंडल ने कहा कि छात्र कई दिनों से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की गई है, इसलिए सभी को राजनीतिक मतभेद भुलाकर छात्रों का समर्थन करना चाहिए। वहीं आर.के. ग्राम क्षेत्र के जेडपीएम एवं कांग्रेस के युवा नेता प्रदीप दास ने प्रस्ताव को पूर्व नियोजित कदम बताते हुए कहा कि इससे शैक्षणिक मानकों के कमजोर होने की आशंका है। धरना स्थल पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। दोपहर लगभग 1 बजे धरना समाप्त हुआ, जिसके बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सहायक आयुक्त डिगलीपुर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और प्रशासन से प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर केंद्रीय प्राधिकरणों के साथ वार्ता शुरू करने की मांग की।

SCROLL FOR NEXT