नई दिल्लीः तनाव को दूर कर द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा मजबूत करने के संकेत देते हुए दिल्ली में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि वॉशिंगटन के लिए भारत जितना आवश्यक कोई अन्य देश नहीं है और दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं।
उन्होंने यहां आने पर एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में भारत के लिए महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल होने के निमंत्रण की भी घोषणा की।
पदभार संभालने के कुछ ही घंटों बाद गोर द्वारा दिए गए इन बयानों को ट्रंप प्रशासन की ओर से ऐसे समय में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जब उसने हाल के महीनों में शुल्क (टैरिफ) और एच-1बी वीजा को लेकर भारत पर दबाव बढ़ा दिया है।
ट्रंप और पीएम मोदी के बीच दोस्ती सच्ची
अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए गोर ने कहा, ‘‘आपके और मेरे सामने कूटनीति को फिर से परिभाषित करने का जीवन में एक बार मिलने वाला अविश्वसनीय अवसर है। इससे जो हासिल किया जा सकता है, वह इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी साबित हो सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत से अधिक आवश्यक कोई साझेदार नहीं है। आने वाले महीनों और वर्षों में राजदूत के रूप में मेरा लक्ष्य एक अत्यंत महत्वाकांक्षी एजेंडे को आगे बढ़ाना है। हम इसे सच्चे रणनीतिक साझेदारों के रूप में करेंगे, जहां दोनों पक्ष अपनी ताकत, सम्मान और नेतृत्व के साथ आगे आएंगे।’’
गोर (38) ने इस बात पर जोर दिया कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच दोस्ती ‘‘सच्ची’’ है और यह उन ‘‘मतभेदों’’ को सुलझाने में मदद करेगी, जिनके कारण पिछले दो दशकों में संबंधों का सबसे खराब दौर देखने को मिला। द्विपक्षीय संबंधों में यह गिरावट तब शुरू हुई जब ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाया, जिसमें भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था। शुल्क के अलावा भारत-पाकिस्तान संघर्ष को मई में समाप्त करने के ट्रंप के दावे और अमेरिका की नयी आव्रजन नीति एवं कई अन्य मुद्दों पर भी द्विपक्षीय संबंधों में गंभीर तनाव देखा गया।
निष्पक्ष व्यापार, पारस्परिक सम्मान और साझा सुरक्षा
गोर ने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत केवल साझा हितों से ही नहीं जुड़े हैं बल्कि यह रिश्ता सर्वोच्च स्तरों पर आधारित है। सच्चे मित्र असहमति रख सकते हैं, लेकिन अंततः अपने मतभेद सुलझा लेते हैं।’’ उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक ने संकेत दिया था कि वॉशिंगटन इस समझौते को जल्द अंतिम रूप देने को लेकर बहुत उत्सुक नहीं है।
व्यापार पर बात करते हुए अमेरिकी राजदूत ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने इसे ‘‘परस्परता का वर्ष’’ बताया था। गोर ने कहा, ‘‘हम कूटनीति के मानकों को ऊंचा कर रहे हैं। इसका मतलब है निष्पक्ष व्यापार, पारस्परिक सम्मान और साझा सुरक्षा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप में से कई लोगों ने मुझसे जारी व्यापार वार्ताओं पर जानकारी मांगी है। दोनों पक्ष सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। वास्तव में व्यापार पर अगली बातचीत कल होगी।’’ बहरहाल, गोर ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बातचीत दोनों देशों के व्यापार वार्ताकारों के बीच टेलीफोन पर होगी या किसी अन्य माध्यम से।
अमेरिकी राजदूत ने कहा, ‘‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इसलिए इसे (व्यापार वार्ता को) अंतिम चरण तक पहुंचाना आसान काम नहीं है लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य अहम क्षेत्रों में भी मिलकर काम करते रहेंगे।’’
भारत ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन का सदस्य होगा
गोर ने ‘पैक्स सिलिका’ पहल का भी उल्लेख किया, जिसे अमेरिका ने पिछले महीने शुरू किया था। जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, इजराइल और कई अन्य देश पहले ही इसमें शामिल हो चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आज मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अगले महीने भारत को इस समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ दुनिया नई प्रौद्योगिकी को अपना रही है, ऐसे में यह आवश्यक है कि भारत और अमेरिका इस पहल की शुरुआत से ही कंधे से कंधा मिलाकर काम करें।’’
कौन हैं सर्जियो गोर
चुनाव के समय से ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के महत्वपूर्ण सदस्य रहे हैं सर्जियो गोर। वह लंबे समय से रिपब्लिकन रणनीतिकार, फंडरेजर और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी राजनीतिक सहयोगी रहे हैं। अगस्त में डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें भारत में अमेरिकी राजदूत और दक्षिण एवं मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत के रूप में नामित किया था। उनको भारत में आकर पदभार ग्रहण में काफी समय लगा। अपने नामांकन से पहले सर्जियो गोर ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में राष्ट्रपति कार्मिक के निदेशक के रूप में कार्य किया है और अमेरिकी राष्ट्रपति के अभियान और ट्रांजिशन टीमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत को लेकर हमेशा सकारात्म रहे हैं गोर। सीनेट की विदेश संबंधी समिति के समक्ष सर्जियो गोर ने भारत को एक रणनीतिक साझेदार बताया था। गोर ने नई दिल्ली के साथ रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी संबंधों को गहरा करने का संकल्प लिया और कहा कि यह संबंध 21वीं सदी को परिभाषित करेगा।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का मानना है कि अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में सुधार से न केवल अमेरिका की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, बल्कि अन्य देशों पर चीन का आर्थिक प्रभाव भी कम होगा। वह दक्षिण एशिया में स्थिरता बनाए रखने में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण मानते हैं।