मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : विकास भवन ने राज्य के सभी शिक्षकों और स्कूल स्टाफ के लिए केंद्र सरकार के 'प्रशस्त' (Prashast) ऐप के जरिए ट्रेनिंग लेना अनिवार्य कर दिया है। पहले यह स्क्रीनिंग प्रक्रिया और ट्रेनिंग केवल विशेष शिक्षकों तक सीमित थी, लेकिन अब बच्चों की शुरुआती पहचान में हर शिक्षक की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए इसे व्यापक बना दिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग का यह कदम उन बच्चों की समय रहते मदद करेगा जिन्हें पढ़ाई, पाठ समझने या दूर से ब्लैकबोर्ड देखने में कठिनाई होती है।
ऐप के जरिए आसान होगी खास पहचान
यह ऐप वास्तव में स्कूलों और छात्रों के लिए एक प्री-असेसमेंट होलिस्टिक स्क्रीनिंग टूल है। इसके अंदर उपलब्ध विशेष वीडियो के माध्यम से सभी शिक्षकों और स्कूल के अन्य स्टाफ को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा। इस बदलाव पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रमुख शिक्षक नेता स्वपन मंडल ने कहा है कि शिक्षक पहले से ही पीछे छूटने वाले या बोलने में समस्या वाले छात्रों पर ध्यान देते हैं, लेकिन इस डिजिटल टूल से उन्हें और अधिक बारीकी से मदद करने की जानकारी मिलेगी। इससे बच्चों में सीखने की दिलचस्पी जगाना और आसान हो जाएगा।