नागराकाटा : हिला चाय बागान के बंद होने के मुद्दे पर नागराकाटा की राजनीति गरमा गई है। विधायक पूना भेंगरा द्वारा तृणमूल कांग्रेस पर लगाए गए आरोपों के बाद चम्पागुड़ी तृणमूल अंचल सभापति अशोक विश्वकर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विधायक भेंगरा ने आरोप लगाया था कि हिला चाय बागान बंद होने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया और बागान बंद होने के लिए तृणमूल जिम्मेदार है।
रविवार को पत्रकारों से बातचीत में अशोक विश्वकर्मा ने विधायक पर पलटवार करते हुए कहा कि बागान बंद होने के बाद विधायक एक बार भी श्रमिकों के साथ खड़े नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि हिला चाय बागान भले ही चम्पागुड़ी अंचल के अंतर्गत आता हो, लेकिन यह विधायक के विधानसभा क्षेत्र में ही पड़ता है। ऐसे में विधायक को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने अब तक बागान खोलने के लिए क्या प्रयास किए।
विश्वकर्मा ने बताया कि उनके श्रमिक संगठन की ओर से श्रम विभाग को पत्राचार किया गया है और इस संबंध में बैठक भी बुलाई गई है। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई पार्टी हिला चाय बागान को दोबारा खुलवा सकती है तो वह तृणमूल कांग्रेस ही है। भाजपा और विधायक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद भी विधायक ने मेटेली, नागराकाटा और बानरहाट ब्लॉक में कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए विधायक अब सोलर लाइट लगाने जैसे कार्यों का प्रचार कर रहे हैं। विश्वकर्मा ने कहा कि आने वाले चुनाव में भाजपा और पूना भेंगरा की विदाई तय है और हार के डर से वे इस प्रकार के बयान देकर सुर्खियां बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। बांग्ला आवास योजना में ‘कट मनी’ के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्वकर्मा ने कहा कि तृणमूल के जिला परिषद सदस्य पर लगाया गया आरोप निराधार है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पुख्ता सबूत हैं कि आवास योजना में कट मनी की मांग भाजपा के एक पंचायत सदस्य द्वारा की गई थी, जिसे वे समय आने पर सार्वजनिक करेंगे। फिलहाल हिला चाय बागान को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।