बिराटी में सभा के दौरान हुए हंगामे के बाद का दृश्य 
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बिराटी में एसएफआई की सभा में हमला, दत्तोपुकुर में कार्यालयों में तोड़फोड़ का आरोप

Nidhi Gupta

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बिराटी : शुक्रवार की रात उत्तर दमदम के बिराटी बनिक मोड़ पर एसएफआई के आंचलिक सम्मेलन के दौरान आयोजित जनसभा में हमले की घटना घटी। वहीं बारासात अंचल के दत्तोपुकुर में भी शुक्रवार की रात अंचल के 5 माकपा कार्यालयों में तोड़फोड़ का आरोप सामने आया। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात बिराटी की सभा में मुख्य वक्ता के रूप में सीपीएम केंद्रीय समिति के सदस्य डॉ. सुजन चक्रवर्ती और एसएफआई की ऑल इंडिया लीडर दीप्सिता धर मौजूद थीं। माकपा नेताओं का आरोप है कि सभा के दौरान ही बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मंच, कुर्सियां और साउंड सिस्टम तोड़ दिए। आरोप यह भी है कि वहां मौजूद दीप्सिता धर पर टूटी हुई कुर्सी फेंकी गई, वहीं सीपीएम नेता शिवशंकर घोष का सिर फट गया, जिन्हें 5 टांके लगे हैं। साग्निक कर, दीप साहा और प्रशांत दास समेत कई कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।

छात्र नेताओं पर हमला, दीप्सिता धर पर फेंकी गई कुर्सी !

मौके पर पहुंची निमता थाने की पुलिस ने स्थिति को संभाला। हालांकि मामले में पुलिस ने एसएफआई नेता आकाश कर को गिरफ्तार कर शनिवार कोर्ट में पेश किया। भाजपा नेतृत्व ने आरोपों से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि सभा के दौरान दिये जा रहे व्यक्तव्यों से नाराज लोगों का यह विरोध था। दूसरी ओर आरोप है कि दत्तोपुकुर में सीपीएम के कम से कम 5 पार्टी कार्यालयों पर हमला बोला गया। हमलावरों ने लोहे की रॉड और हथौड़ों से कार्यालयों के फर्नीचर, झंडों और नेताओं की तस्वीरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और आग लगा दी। सीपीएम नेता अहमद अली खान ने बीजेपी पर बारसात-1 बीडीओ कार्यालय में विरोध प्रदर्शन का बदला लेने के लिए यह हमला करने का आरोप लगाया है। वहीं हाबरा में भी एसएफआई की सभा में हाथापाई का आरोप लगा है हालांकि बीजेपी नेता अरिंदम दे ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। मिली शिकायतों पर पुलिस दोनों ही मामलों की जांच कर रही है।

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