मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : हावड़ा में नगर निगम चुनाव की आहट तेज होते ही राजनीतिक हलचल भी बढ़ने लगी है। विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के बाद अब भाजपा की ओर झुकाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। खासकर तृणमूल कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता भाजपा में शामिल होने के लिए लगातार संपर्क साध रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले पुर चुनाव से पहले बदलते समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है। लंबे समय से हावड़ा नगर निगम का चुनाव नहीं होने के कारण शहर की नागरिक सेवाओं को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ी है। सड़क मरम्मत, ड्रेनेज व्यवस्था और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं को भाजपा ने विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा बनाया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हावड़ा और बाली इलाके में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन के पीछे यह एक बड़ा कारण रहा। इसी के बाद अब तृणमूल और वामपंथी दलों के कई नेता भाजपा में आने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के अनुसार, जो लोग पहले बातचीत तक नहीं करते थे, वही अब गुपचुप तरीके से फोन और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क कर रहे हैं। कई नेताओं की ओर से भाजपा में जगह दिलाने की गुहार लगाई जा रही है। हालांकि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने साफ कर दिया है कि फिलहाल पार्टी में किसी को शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद हावड़ा के कई तृणमूल नेता खुद को भाजपा समर्थक या भाजपा के करीबी बताने लगे हैं। इसी बीच हावड़ा नगर निगम के पूर्व प्रशासक मंडली के चेयरमैन सुजॉय चक्रवर्ती ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफे का ऐलान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें सही तरीके से काम नहीं करने दिया गया और पार्टी के अंदरूनी विवादों से परेशान होकर उन्हें यह फैसला लेना पड़ा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा भाजपा में शामिल होने के उद्देश्य से नहीं है।
वहीं हावड़ा नगर निगम के पूर्व मेयर परिषद सदस्य विभास हाजरा एक बार फिर सक्रिय राजनीति में दिखाई देने लगे हैं। 2021 के चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए विभास हाजरा ने दावा किया कि वे आज भी भाजपा के कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे हैं और पार्टी यदि कोई जिम्मेदारी देती है तो वह उसके लिए तैयार हैं।
भाजपा नेता देबांजन चट्टोपाध्याय ने कहा कि पार्टी नेतृत्व का स्पष्ट निर्देश है कि अभी किसी को शामिल नहीं किया जाएगा। उनके मुताबिक, कई नेता केवल सत्ता की संभावना देखकर भाजपा में आने की कोशिश कर रहे हैं और पार्टी इस मामले में फिलहाल बेहद सतर्क रुख अपना रही है।