प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे विश्वास, मजबूत मित्रता और रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। दोनों देश विकास, सुरक्षा, तकनीक, व्यापार और समुद्री सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आज से दोनों देशों के संबंधों का एक नया और स्वर्णिम अध्याय शुरू होगा, जो आने वाले समय में दोनों देशों के नागरिकों के लिए लाभदायक साबित होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच लगातार बढ़ता विश्वास दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बना रहा है। समुद्री देशों के रूप में दोनों ने समुद्री सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग को नई गति देने का फैसला किया है। इससे निवेश, कारोबार और आपसी व्यापार के नए अवसर खुलेंगे, जिसका सीधा लाभ दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और नागरिकों को मिलेगा।
मोदी ने यह भी बताया कि भारत ने अपनी मिड-डे मील योजना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के सफल अनुभव इंडोनेशिया के साथ साझा किए हैं। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे के सफल मॉडलों से सीखकर दोनों देश खाद्य सुरक्षा और पोषण से जुड़े कार्यक्रमों को और प्रभावी बना सकते हैं।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच मेडिकल और फार्मा सेक्टर में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। भारत में निर्मित गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाइयां अब इंडोनेशिया के लोगों तक अधिक आसानी से पहुंच सकेंगी, जिससे वहां की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया की यह बढ़ती साझेदारी केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता, समृद्धि और विकास को भी नई दिशा देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश भविष्य में भी हर क्षेत्र में मिलकर नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।