नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी के उस वैश्विक दृष्टिकोण की मान्यता है, जिसमें विकास के साथ पर्यावरण संतुलन और जलवायु संरक्षण को प्राथमिकता दी गई है। ‘ब्लू होराइजन फॉर ग्रीन विजन’ की अवधारणा के तहत सतत विकास और हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में किए गए प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास को लेकर कई वैश्विक पहलों को बढ़ावा दिया है। इनमें स्वच्छ ऊर्जा, सौर ऊर्जा विस्तार और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयास प्रमुख रहे हैं।
भारत की ओर से शुरू की गई अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहलों को भी वैश्विक स्तर पर समर्थन मिला है।
पर्यावरण और सतत विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पहले भी कई प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मान मिल चुके हैं।
वर्ष 2018 में उन्हें सियोल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह सम्मान वैश्विक सहयोग, समावेशी विकास और सतत आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए दिया गया था।
इसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें ‘चैम्पियंस ऑफ द अर्थ अवॉर्ड’ से सम्मानित किया था। यह सम्मान जलवायु परिवर्तन से मुकाबले और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए दिया गया था।
मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने प्रधानमंत्री मोदी को खाद्य सुरक्षा मजबूत करने, कृषि क्षेत्र में सुधार और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किया था।
सेशेल्स का यह सम्मान एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में भारत की भूमिका को वैश्विक मंच पर रेखांकित करता है। यह सम्मान जलवायु कार्रवाई और हरित विकास को लेकर भारत के प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता के रूप में देखा जा रहा है।