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उत्तर बंगाल में राज्य का पर्यटन सर्किट बनाने की योजना

मास्टर प्लान की तैयारी में जुटा नवान्न

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : उत्तर बंगाल के प्रमुख पर्यटन स्थलों को जोड़कर एक पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना राज्य के पर्यटन विभाग ने बनाई है। इस पहल का उद्देश्य पर्यटकों को उनकी रुचि के अनुसार व्यवस्थित पर्यटन अनुभव प्रदान करना है। इस संबंध में जानकारी राज्य के पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव वरुण रॉय ने हाल ही में एक पत्रकार सम्मेलन में दी।

उन्होंने बताया कि किसी भी पर्यटन क्षेत्र के विकास में “सर्किट” की अवधारणा बेहद महत्वपूर्ण होती है। कुछ विदेशी पर्यटक एडवेंचर टूरिज्म पसंद करते हैं, जबकि कुछ धार्मिक स्थलों का भ्रमण करना चाहते हैं। वहीं कई पर्यटकों को इतिहास, पहाड़, बर्फबारी देखना या टॉय ट्रेन की सवारी आकर्षित करती है। इन अलग-अलग रुचियों को ध्यान में रखते हुए पर्यटन सर्किट विकसित किया जाता है।

सर्किट बनाने से पहले राज्य में पर्यटन का एक व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। सिलीगुड़ी के मैनाक टूरिस्ट लॉज में आयोजित एक दिवसीय बैठक में होम-स्टे संचालकों, पर्यटन सेवा प्रदाताओं और चाय पर्यटन से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया।

बैठक में गजलडोबा को केंद्र बनाकर नए पर्यटन विकास की योजना पर चर्चा हुई। साथ ही कोचबिहार और जलपाईगुड़ी जैसे हेरिटेज शहरों को भी पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से लाने की योजना है।

पर्यटन विभाग के अनुसार, उत्तर बंगाल में चाय पर्यटन भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। कई बड़े होटल समूह क्षेत्र में निवेश की तैयारी कर रहे हैं और पुराने चाय बागानों के बंगले पर्यटन के लिए विकसित किए जा रहे हैं। गजलडोबा को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने और वहां वॉटर पार्क बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों के अनुसार, पिछले वर्ष लगभग 31 लाख पर्यटक पश्चिम बंगाल आए, जिनमें बड़ी संख्या उत्तर बंगाल घूमने पहुंची।

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