सिडनी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गर्भवती महिलाओं से अत्यधिक तेज बुखार की स्थिति को छोड़कर पैरासिटामोल के उपयोग से बचने की सलाह दी है क्योंकि इसका ऑटिज्म से संबंध होने की आशंका है। पैरासिटामोल को अमेरिका में ‘एसीटामिनोफेन’ या ‘टायलिनॉल’ के ब्रांड नाम से जाना जाता है और यह पीठ दर्द, सिरदर्द और बुखार को कम करने के लिए सामान्य रूप से दर्दनिवारक के तौर पर इस्तेमाल की जाती है हालांकि ऑस्ट्रेलिया के थैरेप्युटिक गुड्स एडमिनिस्ट्रेशन (टीजीए) ने पूर्व के चिकित्सा दिशा-निर्देशों को दोहराया और कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए किसी भी चरण में पैरासिटामोल लेना सुरक्षित है।
पैरासिटामोल का वर्गीकरण और उपयोग
पैरासिटामोल को ‘कैटेगरी ए’ ड्रग के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसका मतलब है कि कई गर्भवती महिलाएं और प्रजनन आयु वाली महिलाएं इसे बिना किसी जन्म दोष या भ्रूण पर हानिकारक प्रभाव के लंबे समय तक उपयोग करती रही हैं। गर्भावस्था में बुखार का इलाज महत्वपूर्ण है क्योंकि गर्भावस्था के प्रारंभिक चरण में इलाज न किये गये उच्च बुखार से गर्भपात, न्यूरल ट्यूब दोष, और हृदय दोष हो सकते हैं। गर्भावस्था में संक्रमण भी ऑटिज्म के जोखिम को बढ़ा सकता है।
हाल के शोध में क्या पाया गया?
साल 2021 में एक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ पैनल ने गर्भावस्था में पैरासिटामोल के उपयोग पर मानव और जानवरों पर किये गये अध्ययन के प्रमाणों की समीक्षा की थी। उनका एकमत बयान था कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल का उपयोग भ्रूण के विकास को प्रभावित कर सकता है, जो बाद में बच्चे के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। पिछले महीने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पैरासिटामोल और न्यूरो-डेवलपमेंटल विकारों, जैसे ऑटिज्म और एडीएचडी (अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिस्ऑर्डर) के बीच संबंध का अध्ययन किया। उन्होंने 46 अध्ययनों के बाद पाया कि 27 अध्ययन में गर्भवती महिलाओं द्वारा पैरासिटामोल के उपयोग और बच्चों में तंत्रिका-विकासात्मक विकारों के बीच संबंध बताया गया था।
स्वीडन का बड़ा अध्ययन
उनकी समीक्षा में सबसे महत्वपूर्ण अध्ययन 2024 में प्रकाशित हुआ था, जिसमें 1995 से 2019 के बीच स्वीडन में जन्मे लगभग 25 लाख बच्चों का डेटा शामिल था। शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्भवस्था के दौरान पैरासिटामोल के उपयोग के साथ ऑटिज्म और एडीएचडी के मामूली जोखिम का संबंध था हालांकि जब शोधकर्ताओं ने सगे भाई-बहनों को लेकर विश्लेषण किया ताकि अनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों को ध्यान में रखा जा सके, तो उन्होंने पाया कि पैरासिटामोल के उपयोग से कोई ऑटिज्म, एडीएचडी या बौद्धिक विकलांगता का खतरा नहीं बढ़ा था।
ऑटिज्म के जोखिम के कारणों का पता लगाना
हम अभी तक ऑटिज्म के सभी कारणों को नहीं समझ पाये हैं लेकिन कई आनुवंशिक और अननुवंशिक कारणों को इस स्थिति से जोड़ा गया है। मां द्वारा ली गयी दवाइयां, बीमारियां, शरीर का वजन, शराब सेवन, धूम्रपान की स्थिति, गर्भावस्था में जटिलताएं जैसे प्री-एक्लेमप्सिया और भ्रूण का विकास प्रतिबंध, माता-पिता की उम्र, स्तनपान, आनुवंशिकी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और सामाजिक विशेषताएं आदि इसमें शामिल हैं।
गर्भवती महिलाओं के लिए इसका क्या मतलब है?
वर्तमान में कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है कि पैरासिटामोल का गर्भस्थ शिशु पर कोई हानिकारक प्रभाव हो लेकिन पैरासिटामोल को न्यूनतम प्रभावी खुराक और कम से कम समय तक ही लेना चाहिए। गर्भवती महिला को बुखार होने पर पैरासिटामोल का उपयोग किया जा सकता है। यदि पैरासिटामोल की अनुशंसित खुराक आपके लक्षणों को नियंत्रित नहीं करती है या आप दर्द महसूस करती हैं, तो डॉक्टर से चिकित्सा सलाह लें।