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भाजपा प्रत्याशी पर महिला माकपा कार्यकर्ता को पीटने का आरोप

Nidhi Gupta

निधि, सन्मार्ग संवाददाता

पानीहाटी : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र सोमवार को रणक्षेत्र में बदल गया। अपनी रैलियों में महिला सुरक्षा और 'अभया' (आरजी कर पीड़िता) का मुद्दा उठाने वाली भाजपा प्रत्याशी रत्ना देबनाथ पर अब गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उनके उकसावे पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक महिला माकपा (CPM) कार्यकर्ता और उनके पिता की बेरहमी से पिटाई की।

क्या है पूरा मामला?

सोमवार दोपहर महाजाति सेंट्रल मोड़ पर भाजपा की पथसभा चल रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब माकपा कार्यकर्ता श्रीलेखा मुखर्जी अपने पिता सुरजीत मुखर्जी के साथ पार्टी प्रचार के लिए वहां से टोटो (ई-रिक्शा) लेकर गुजरीं, तो विवाद शुरू हो गया।

आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने न केवल टोटो को रोका, बल्कि उस पर लगे माकपा के पोस्टर फाड़ दिए और माइक के तार काट दिए। जब श्रीलेखा और उनके पिता ने इसका विरोध किया, तो उन्हें सड़क पर पीटा गया, उनके साथ अभद्रता की गई और जान से मारने की धमकी दी गई।

राजनीतिक घमासान

इस घटना पर पानीहाटी से वामपंथी प्रत्याशी कलतान दासगुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "भाजपा जो महिला सुरक्षा का ढोंग करती है, वह असल में कितनी महिला विरोधी है, यह इस घटना ने साबित कर दिया है।" सोशल मीडिया पर भी इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है।

दूसरी ओर, भाजपा नेता कौशिक चटर्जी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस की अनुमति से सभा हो रही थी और माकपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर वहां टोटो लाकर बाधा डालने की कोशिश की। श्रीलेखा मुखर्जी ने इस मामले में खड़दह थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

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