मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान ने एक बड़ा भू-राजनीतिक खतरा जताया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान में सत्ता परिवर्तन होता है, तो Iran, India और Afghanistan मिलकर पाकिस्तान के खिलाफ एक रणनीतिक गठबंधन बना सकते हैं। उनके मुताबिक इससे पाकिस्तान चारों तरफ से दुश्मनों से घिर सकता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए पोस्ट में आसिफ ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध “जायनिस्ट एजेंडा” का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य इज़राइल के प्रभाव को बढ़ाते हुए उसे पाकिस्तान की सीमाओं तक पहुंचाना है।
आसिफ ने यह भी कहा कि अगर ईरान में नई सरकार बनती है और वह भारत तथा अफगानिस्तान के करीब आती है, तो तीनों देशों का साझा एजेंडा पाकिस्तान के खिलाफ हो सकता है। उन्होंने पाकिस्तान की 25 करोड़ जनता से अपील की कि वे इस कथित साजिश को समझें और देश की सुरक्षा के लिए एकजुट रहें।
इसी बीच पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भी हाल के दिनों में तनाव तेजी से बढ़ा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद उग्रवादी उसके भीतर हमले कर रहे हैं, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने तालिबान के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी United Nations Assistance Mission in Afghanistan के अनुसार 26 फरवरी से 2 मार्च के बीच दोनों देशों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 42 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 104 लोग घायल हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व का संघर्ष और गहराता है, तो इसका असर दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर भी पड़ सकता है और क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं।