इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने चीन में गधे के मांस और उससे जुड़े उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए इनके निर्यात को बढ़ाने की योजना बनाई है। यह जानकारी पाकिस्तान आर्थिक समीक्षा 2025-26 में सामने आई है, जिसे वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगजेब ने पेश किया।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन में गधे के मांस, दूध और ‘एजियाओ’ (जिलेटिन आधारित उत्पाद) की मांग लगातार बढ़ रही है। चीन में इन उत्पादों को उनके कथित पोषण और औषधीय गुणों के कारण महत्व दिया जाता है। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान सरकार इस क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।
आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि इस व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान और चीन के बीच स्वच्छता एवं स्वास्थ्य मानकों से जुड़े दिशा-निर्देशों पर समझौता किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी निवेश बढ़ेगा, द्विपक्षीय व्यापार मजबूत होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके तहत ग्वादर फ्री ज़ोन में गधों के बूचड़खाने स्थापित करने के लिए एक नई कंपनी को लाइसेंस दिया गया है। अब इस क्षेत्र में लाइसेंस प्राप्त कंपनियों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।
आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, पाकिस्तान में गधों की आबादी लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में जहां देश में 59 लाख गधे थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या 60 लाख और 2025-26 में बढ़कर 62 लाख हो गई है।
पाकिस्तान के ग्रामीण इलाकों में गधों का उपयोग लंबे समय से कृषि और परिवहन कार्यों में किया जाता रहा है। फसल, चारा, लकड़ी और अन्य सामान ढोने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब सरकार इन्हीं पशुओं से जुड़े उत्पादों को निर्यात के जरिए आय का नया स्रोत बनाने की कोशिश कर रही है।
चीन में गधे के मांस और एजियाओ की बढ़ती मांग पर पाकिस्तान की नजर।
ग्वादर फ्री ज़ोन में नए बूचड़खानों को मंजूरी।
पाकिस्तान में गधों की संख्या बढ़कर 62 लाख पहुंची।
सरकार का दावा, निर्यात बढ़ने से निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।