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ओवैसी का बंगाल चुनाव में एंट्री

हुमायूं ने ओवैसी को बताया बड़ा भाई

सबिता, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : बंगाल विधानसभा चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने चुनाव में हाथ मिलाया है। बुधवार को कोलकाता में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में दोनों दलों के बीच गठबंधन की घोषणा की गयी। हुमायूं कबीर ने कहा कि पूरे बंगाल में हम 20 रैलियां आयोजित करेंगे और इसकी पहली रैली 1 अप्रैल को ओवैसी के साथ बरहमपुर में होगी। वहीं ओवैसी ने दावा किया कि एआईएमआईएम का एजेयूपी के साथ गठबंधन राज्य में कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल ने मुस्लिम समुदाय के लिए कुछ नहीं किया। बंगाल के लोग घुटन महसूस कर रहे हैं और उनकी पार्टी ने हुमायूं कबीर की एजेयूपी के साथ हाथ मिलाया है ताकि लोगों को वह विकल्प प्रदान किया जा सके जिसकी उन्हें तलाश है। कबीर ने कहा कि यह गठबंधन कभी नहीं टूटेगा। मेरे बड़े भाई (ओवासी) जो भी निर्णय लेंगे और जो भी दिशा-निर्देश देंगे, मैं आने वाले दिनों में उनका पालन करूंगा। कबीर ने कहा कि गठबंधन 294 सदस्यीय विधानसभा में 182 सीट पर चुनाव लड़ने की योजना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि अगर चुनाव में खंडित जनादेश आता है तो गठबंधन सरकार गठन में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

तृणमूल और भाजपा पर साधा निशाना

तृणमूल और भाजपा पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि राज्य के मुसलमान राजनीतिक रूप से फंसे हुए महसूस कर रहे हैं। हमारी स्थिति उर्दू की एक कहावत जैसी है, ‘फंस गई रजिया गुंडों में’। ओवैसी ने आरोप लगाया कि तृणमूल को वर्षों से चुनावी समर्थन मिल रहा है बावजूद इसके आर्सेनिक से दूषित भूजल ने मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों को प्रभावित किया है। ये समस्याएं सीधे तौर पर राजनीतिक नेतृत्व से जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि तृणमूल में कई मुसलमान हैं। जी हां, हैं, लेकिन वह गुमनाम नेतृत्व है। हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए जिसकी एक आवाज और एक नाम हो।

क्या मैं इतना ताकतवर हूं कि भाजपा को फलने फूलने दिया ?

हैदराबाद से सांसद ने दावा किया कि तृणमूल की राजनीति ने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य में भाजपा को अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद की है। उन्होंने कहा, ‘बंगाल में भाजपा के तीन विधायक कब जीते थे? 2016 में ना? अब उनके पास 77 विधायक हैं। क्या मैंने उन्हें जिताया? क्या मैं इतना ताकतवर हूं कि मैंने भाजपा को फलने फूलने दिया? भाजपा का विकास आपकी आंखों के सामने हो रहा है।’ ओवैसी ने दावा किया कि एआईएमआईएम का एजेयूपी के साथ गठबंधन राज्य में कमजोर वर्गों के शोषण को रोकने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

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