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महुआ मोइत्रा को पुलिस सुरक्षा दिए जाने का आदेश

जब भी जाएगी अपने संसदीय क्षेत्र में

जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को हाईकोर्ट ने पुलिस सुरक्षा दी जाने का आदेश दिया है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने यह आदेश देते हुए कहा कि यह व्यवस्था तीस दिनों तक बनी रहेगी। उनकी तरफ से दायर पिटीशन में कहा गया है कि जब भी वह संसदीय क्षेत्र में जाती है उन्हें भाजपा समर्थकों के विरोध का सामना करना पड़ता है। उन पर अंडे, टमाटर और पत्त्थर फेंके जाते हैं।

जस्टिस भट्टाचार्य ने अपने आदेश में कहा है कि महुआ मोइत्रा जब भी संसदीय क्षेत्र में जाएंगी उनके साथ चार पुलिस वाले तैनात किए जाएंगे। इसके साथ ही कहा है कि उन्हें जाने से 48 घंटे पहले एसपी को इस बाबत सूचना देनी पड़ेगी। जस्टिस भट्टाचार्य ने एसपी को आदेश दिया है कि उन्हें इसकी अनुपालन की रिपोर्ट अगली सुनवाई में देनी पड़ेगी। यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले की जांच जारी रहेगी और इस आदेश का उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा। महुआ मोइत्रा की तरफ से बहस करते हुए सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने कहा कि वह अपनी संसदीय जिम्मेदारी नहीं निभा पा रही हैं। उनके लिए अपने संसदीय क्षेत्र में जाना दुर्लभ हो गया है। वहां जाने पर उन पर अंडे टमाटर और पत्थरों की बरसात की जाती है। इससे साफ हो जाता है कि कानून और व्यवस्था की क्या स्थिति रह गई है। राज्य की तरफ से पैरवी करते हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने कहा कि महुआ मोइत्रा को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। इसपर जस्टिस भट्टाचार्य ने सवाल किया कि तो फिर यह घटना घटी कैसे। एडवोकेट बनर्जी ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश पर जब महुआ मोइत्रा थाने में गई थी तो उन्हें पीछे के दरवाजे से जाना पड़ा था, क्योंकि बाहर भाजपा के एक हजार से अधिक समर्थकों ने घेरा डाल रखा था। जस्टिस भट्टाचार्य ने इस पर टिप्पणी करते हुए एडवोकेट मजूमदार से कहा की स्थिति को नियंत्रित कीजिए वरना यह आपके काबू से बाहर हो जाएगी। एडवोकेट बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक हिंसा का एक और सबूत है। महुआ मोइत्रा ने कृष्णनगर सर्किट हाउस में कमरा बुक किया था शाम सात बजे और रात दस बजे के बाद उनसे कह दिया गया कि कमरा खाली कर दीजिए। जस्टिस भट्टाचार्य ने पुलिस को कहा है कि उनके आदेश पर अमल किया जाए।

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