नई दिल्लीः विपक्षी दलों ने सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से आग्रह किया है कि आठ विपक्षी सांसदों का निलंबन रद्द किया जाए। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) की सुप्रिया सुले, द्रमुक सांसद कनिमोझी और तृणमूल कांग्रेस की शताब्दी रॉय ने बृहस्पतिवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से मुलाकात की और आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन को रद्द करने की मांग की।
सूत्रों के मुताबिक, रीजीजू ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के सामने उठाएंगे। सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार को कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक के दौरान कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश ने बिरला और रीजीजू के सामने फिर से यह मुद्दा उठाया।
सूत्रों ने यह भी बताया, ‘‘रीजीजू ने विपक्ष से कहा है कि वह परामर्श के बाद इस मुद्दे पर उनसे संपर्क करेंगे।’’ सूत्रों ने कहा कि निलंबित सांसदों का विषय विपक्ष और सरकार के बीच टकराव का एक मुद्दा है। इसके अलावा विपक्ष पश्चिम एशिया संघर्ष और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा की मांग कर रहा है।
बजट सत्र के पहले चरण के दौरान तीन फरवरी को सदन में आसन की ओर कागज फेंकने के कारण सदन की अवमानना के मामले में विपक्ष के आठ सांसदों को बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था। निलंबित सांसदों में कांग्रेस के मणिकम टैगोर, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, प्रशांत पडोले, किरण कुमार रेड्डी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एस. वेंकटेशन शामिल हैं। निलंबन के बाद से ये सांसद संसद की कार्यवाही वाले दिन संसद के मकर द्वार पर धरना देते आ रहे हैं।