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रिकॉर्ड जीत ही मेरे जेल जाने के पीछे की साजिश का जवाब होगी : ज्योतिप्रिय

सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एक वक्त उत्तर 24 परगना के हेवीवेट तृणमूल कांग्रेस के नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक को पार्टी ने इस बार भी उम्मीदवार बनाया है। ज्योतिप्रिय का मानना है कि विधानसभा चुनाव में ‘रिकॉर्ड जीत’ ही उनके खिलाफ हुई ‘साजिश’ का जवाब होगी, जिसके कारण उन्हें राशन वितरण घोटाले में जेल जाना पड़ा। ‘बालू’ के नाम से लोकप्रिय मल्लिक ने ‘पीटीआई’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि जनादेश ही उन लोगों को जवाब देगा, जिन्होंने उन्हें ‘राजनीतिक रूप से खत्म करने की कोशिश की।’ उन्होंने कहा कि मेरी रिकॉर्ड जीत ही उस साजिश का जवाब होगी, जिसके कारण मुझे जेल जाना पड़ा।’

जिले की हाबरा सीट 2026 के विधानसभा चुनावों में सबसे चर्चित सीटों में से एक बन गई है। इसकी वजह मल्लिक की जेल से वापसी के बाद तृणमूल के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरना है, साथ ही भाजपा ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रमुख चुनावी हथियार बनाया है। मल्लिक को कथित राशन घोटाले की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के सिलसिले में जेल जाना पड़ा था। हालांकि, मल्लिक ने आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। उनका दावा है कि उनके खिलाफ कोई प्राथमिकी या मामला दर्ज नहीं था, फिर भी उन्हें महीनों तक हिरासत में रखा गया। उन्होंने कहा कि जमानत मिलने के बाद उन्हें पता चला कि किसी थाने में उनके खिलाफ कोई शिकायत ही नहीं थी। पूर्व मंत्री रहे मल्लिक के अनुसार, उनकी गिरफ्तारी का समय भी राजनीतिक रूप से अहम था, ताकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बनगांव क्षेत्र में तृणमूल को कमजोर किया जा सके। उन्होंने कहा कि वे मुझे लोकसभा चुनावों के दौरान दूर रखना चाहते थे ताकि मैं राजनीतिक रूप से काम न कर सकूं। अगर मैं सक्रिय होता तो बनगांव सीट जीती जा सकती थी।

उल्लेखनीय है कि ईडी ने अक्टूबर 2023 में धन शोधन मामले की जांच के तहत उन्हें गिरफ्तार किया था। वह 2011 से 2021 के बीच राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री रहे थे। एक वर्ष से अधिक समय जेल में बिताने के बाद जनवरी 2025 में उन्हें 50 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत मिली। इसके बावजूद तृणमूल नेतृत्व ने उन पर भरोसा बनाए रखा और उन्हें हाबरा से फिर उम्मीदवार बनाया, जिसे लेकर भाजपा ने पार्टी पर निशाना साधा।

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