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TMC में बगावत पर ओम बिरला सख्त, अभिषेक बनर्जी को 19 जून को बुलाया

बागी सांसदों के NCPI में विलय के दावे पर लोकसभा अध्यक्ष सुनेंगे TMC महासचिव का पक्ष, पार्टी में बढ़ा अंदरूनी संकट

Bishakhaa Tiwari

नई दिल्ली : तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी संकट के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को बैठक के लिए बुलाया है। सूत्रों के मुताबिक, बिरला ने अभिषेक बनर्जी को 19 जून को मुलाकात का समय दिया है।

बताया जा रहा है कि लोकसभा अध्यक्ष बागी सांसदों के अलग गुट बनाने और दूसरी पार्टी में विलय के दावे को लेकर TMC नेतृत्व का पक्ष जानना चाहते हैं। बैठक में अभिषेक बनर्जी से पार्टी की मौजूदा स्थिति और बागी सांसदों के कदम पर स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

बागी सांसदों ने NCPI में विलय का किया दावा

TMC के कुछ सांसदों ने हाल ही में पूर्वोत्तर की राजनीतिक पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय का ऐलान किया था।

NCPI का गठन 2022 में त्रिपुरा में हुआ था। 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में पार्टी ने दो सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन दोनों उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

बागी सांसदों का दावा है कि उनका अलग समूह संवैधानिक प्रावधानों के तहत मान्यता का हकदार है। वहीं TMC नेतृत्व इस कदम को पार्टी विरोधी गतिविधि बता रहा है।

20 लोकसभा सांसदों के अलग होने का दावा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के हाथों हार के बाद से TMC के अंदर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं। दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद अलग गुट के साथ खड़े हैं।

कभी संसद के दोनों सदनों में करीब 40 सांसदों के साथ मजबूत विपक्षी ताकत रही TMC अब अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट से गुजर रही है।

बागी सांसदों ने भूपेंद्र यादव से की थी मुलाकात

लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात से पहले TMC के बागी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की थी। इस बैठक में TMC सांसद शताब्दी रॉय समेत कई नेता मौजूद थे।

इस मुलाकात के बाद बंगाल की राजनीति में अटकलें और तेज हो गई हैं।

राज्यसभा से भी नेताओं के इस्तीफे

TMC में संकट सिर्फ लोकसभा तक सीमित नहीं है। हाल ही में राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक ने इस्तीफा दिया।

इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी पार्टी और सांसद पद से अलग हो चुके हैं।

सुखेंदु शेखर रॉय ने पार्टी छोड़ने के बाद TMC नेतृत्व पर सवाल उठाए थे, जबकि सुष्मिता देव ने असम की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही थी।

अब सबकी नजर 19 जून की बैठक पर है, जहां अभिषेक बनर्जी लोकसभा अध्यक्ष के सामने पार्टी की स्थिति और बागी सांसदों के कदम पर अपना पक्ष रखेंगे।

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