रूसी ऑयल टैंकर के भारतीय कप्तान की ब्रिटेन में गिरफ्तारी AI Generated Image
टॉप न्यूज़

रूसी ऑयल टैंकर के भारतीय कप्तान की ब्रिटेन में गिरफ्तारी, टेंशन में परिवार

पत्नी ने कहा-मेरे पति का करियर रिकॉर्ड पूरी तरह बेदाग रहा है

नई दिल्ली : रूस से भारत के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहे एक प्रतिबंधित रूसी 'शैडो फ्लीट' ऑयल टैंकर के भारतीय कप्तान अजय पंत को ब्रिटेन में गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तराखंड के नैनीताल निवासी 38 वर्षीय अजय पंत पर ब्रिटेन ने रूस पर लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ब्रिटिश अदालत में पेश किए गए पंत को फिलहाल न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस बीच उनके परिवार ने भारत सरकार से सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने की अपील की है, जबकि उत्तराखंड सरकार ने भी विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

10 साल तक की सजा का प्रावधान

ब्रिटिश अधिकारियों के अनुसार, 14 जून को जब MV स्मर्टोस इंग्लिश चैनल से होकर रूस से भारत की ओर जा रहा था, तब रॉयल मरीन कमांडो और नेशनल क्राइम एजेंसी (NCA) के अधिकारियों ने जहाज पर छापा मारा। जहाज के पास वैध राष्ट्रीय ध्वज नहीं था, जिसके बाद उसे ब्रिटेन के समुद्री क्षेत्र  में रोक लिया गया। जहाज के मास्टर (कप्तान) के रूप में अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर रूस (Sanctions) रेगुलेशन 2019 के तहत प्रतिबंधित रूसी तेल को तीसरे देश तक पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में अधिकतम 10 वर्ष की जेल की सजा हो सकती है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को बोर्नमाउथ क्राउन कोर्ट में होगी।

'मैं सिर्फ आदेश का पालन कर रहा था'

साउथैम्पटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए अजय पंत की ओर से उनके वकील जेम्स डायमंड ने अदालत में कहा कि उनके मुवक्किल ने यह तय नहीं किया था कि जहाज कहां जाएगा या कौन-सा माल लेकर जाएगा। उन्होंने कहा, 'वह केवल अपनी कंपनी के आदेशों का पालन कर रहे थे। वह एक कर्मचारी हैं, जो अपना काम कर रहे थे और आज ब्रिटिश अदालत के सामने खड़े हैं।' वहीं अभियोजन पक्ष के वकील वरुण चुनी ने अदालत को बताया कि जहाज बिना वैध ध्वज के ब्रिटिश जलक्षेत्र में प्रवेश कर गया था, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

पत्नी ने कहा- मेरे पति की कोई गलती नहीं

अजय पंत की पत्नी ऋतु पंत ने कहा कि उन्हें अपने पति की गिरफ्तारी की जानकारी ब्रिटिश मीडिया की सोशल मीडिया रिपोर्टों से मिली। अब तक न तो ब्रिटिश प्रशासन और न ही भारतीय अधिकारियों की ओर से उन्हें कोई आधिकारिक सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि उनके पति पिछले 15 वर्षों से समुद्री सेवा में हैं और उनका रिकॉर्ड पूरी तरह बेदाग रहा है। उनके मुताबिक, अजय केवल कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे थे और इस पूरे मामले में उनकी कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है।

उत्तराखंड सरकार एक्टिव, विदेश मंत्रालय से मांगी मदद

उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि राज्य सरकार ने दो दिन पहले ही विदेश मंत्रालय (MEA) को पत्र लिखकर अजय पंत की रिहाई और सुरक्षित वापसी के लिए सहायता मांगी है। दिल्ली स्थित उत्तराखंड के क्षेत्रीय आयुक्त इस मामले में केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रहे हैं। वहीं ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग को अजय पंत से काउंसलर एक्सेस मिल चुकी है। इस बीच जहाज पर मौजूद भारत और जॉर्जिया के कुल 24 चालक दल के सदस्य अभी भी पोत पर मौजूद हैं। जहाज फिलहाल इंग्लैंड के डोरसेट स्थित वेमाउथ तट के पास लंगर डाले हुए है और पर्यावरण और सुरक्षा कारणों से उसकी निगरानी की जा रही है।

SCROLL FOR NEXT