नयी दिल्ली : कांग्रेस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भारतीय जनता पार्टी पर अपना हमला तेज करते हुए शनिवार को कहा कि चंदा और चढ़ावा देश की आस्था है, किसी की निजी जागीर नहीं। चढ़ावे की चोरी का पूरा सच देश के सामने आना चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाये।
मुख्य विपक्षी दल ने इस मुद्दे पर तीन सवाल भी किये। पार्टी ने पूछा कि क्या आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल होना ही पर्याप्त है? पूरे (श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र) ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन की स्वतंत्र जांच क्यों नहीं होनी चाहिए? सरकार सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आगे की पड़ताल और जवाबदेही तय करने से क्यों पीछे हट रही है?
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर ‘चंदा चोरी, आस्था धोखा’ शीर्षक वाले पोस्ट में लिखा- चोरी पर पर्दा डालने की कोशिश में सरकार के अपने ही बयान अब उससे सवाल पूछ रहे हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी ही कहानी के ऐसे तथ्य रख दिये हैं, जिनसे सवाल और गहरे हो गये हैं।
रमेश ने कहा कि 6 जुलाई 2026 को ट्रस्ट की बैठक में इस रिपोर्ट पर चर्चा हुई थी, जिसके बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि ट्रस्ट के लोगों ने कोई विश्वासघात नहीं किया।
गिरि ने चम्पत राय के चरित्र पर भरोसा जताते हुए उनकी ‘सेवाओं का अभिनंदन’ किया। यानी जांच में गंभीर सवाल उठने के बावजूद ट्रस्ट नेतृत्व ने भाजपा-RSS-विहिप से जुड़े अपने लोगों का सार्वजनिक रूप से बचाव किया।